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Informal Letter in Hindi: अनौपचारिक पत्र के प्रकार, प्रारूप

Kavita Sahu

Publish: 14 Dec, 24 | Update: 14 Dec, 24

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अनौपचारिक पत्र (Informal Letter in Hindi) पत्र लेखन का ही एक प्रकार है, जिसे हम अपने भाई-बहन, माता-पिता, रिश्तेदार आदि को लिखने के लिए करते हैं। वह कागज (Paper) जिस पर कोई बात लिखी या छपी हो पत्र कहलाता है। पत्र लेखन के माध्यम से हम अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त कर सकते हैं। पत्र के माध्यम से व्यक्ति अपनी बातों को लिखकर अन्य तक पहुँचा सकता है। और कई बार जिन बातों को हम कहने में हिचकिचाते हैं, उन बातों को पत्रों के माध्यम से आसानी से कहा जा सकता है।

Informal Letter in Hindi – अनौपचारिक पत्र

अनौपचारिक पत्र (Informal Letter in Hindi) अपने परिवार या रिश्तेदार को किसी शुभ कार्य में उपस्थित होने के लिए, विवाह में उपस्थित होने के लिए आमंत्रण, बधाई संदेश देने के लिए उपयोग होता है। अनौपचारिक पत्र हम केवल उन्ही को लिखते हैं जिससे हमारा व्यक्तिगत सम्बन्ध होता है। यह पत्र लिखने में कुछ खास नियमों का पालन करना नहीं पड़ता है। और इन पत्र में शब्दों की सीमा अधिक हो सकती है क्योंकि इन पत्रों में एक दुसरे के हाल-चाल, सुख-दुख का जिक्र होता है।

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अनौपचारिक पत्र लिखने हेतु मुख्य बिंदु

  • अनौपचारिक पत्र स्वतंत्र होते हैं, इनमें भाषा और भावनाओं की पाबन्दी नहीं होती है।
  • इस प्रकार के पत्र में सुख-दुःख, मन की बात और भावनाओं को व्यक्त कर लिख सकते हैं।
  • पत्र में भाषा साधारण बोलचाल की भाषा होनी चाहिए जिससे प्रापक को पत्र में लिखी बाते आसानी से समझ में आ जाये।
  • अनौपचारिक पत्र की शब्द सीमा 200 से अधिक हो सकती है क्योंकि इस पत्र में कोई पाबन्दी नहीं होती है।
  • पत्र में पृष्ठों की संख्या एक से अधिक हो सकती है।
  • पत्र प्रेषक और प्रापक का पता स्पष्ट व साफ लिखा होना चाहिए।

इसे भी पढ़े – पत्र लेखन क्या है? पत्र के प्रकार और प्रारूप

Informal Letter in Hindi Format | अनौपचारिक पत्र का प्रारूप

वैसे तो अनौपचारिक पत्र के लिए कोई विशेष नियम नहीं हैं लेकिन पत्र को और आकर्षक और सुन्दर व शिष्टाचार बनाने के लिए निचे दिए गये कुछ नियमों (Informal Letter in Hindi Format) का ध्यान रखना चाहिए।

  • पता – ऊपर बाईं ओर पत्र भेजने वाले का नाम व पता लिखा जाता है।
  • दिनांक – पत्र जिस दिन लिख रहे है उसदिन की तारीख लिखी जानी चाहिए।
  • विषय – अनौपचारिक पत्रों में विषय लिखने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • संबोधन – जिस व्यक्ति के लिए पत्र लिखा जा रहा है उसके लिए संबोधन का प्रयोग किया जाना चाहिए। जैसे – बड़ों के लिए आदरणीय, पूजनीय, पूज्य, श्रद्धेय और छोटों के लिए प्रिय, स्नेही, चिरंजीव, प्यारे, प्रिय मित्र आदि शब्द का प्रयोग किया जाता है।
  • अभिवादन – जिसको पत्र लिखा जा रहा है उसके साथ आपका क्या संबंध है, उसके अनुसार अभिवादन शब्द का प्रयोग करना चाहिए। जैसे – चरण स्पर्श, सादर प्रणाम, नमस्कार, नमस्ते इत्यादि।
  • मुख्य विषय – एक अच्छा पत्र लिखने के लिए मुख्य विषय को तीन भागों में विभाजित करना चाहिए।
  • पहले भाग मे – मैं / हम यहाँ कुशलपूर्वक हूँ / हैं, आशा करता हूँ कि आप भी वहाँ कुशलपूर्वक होंगे।
  • दूसरे भाग मे – जिस लिए पत्र लिखा गया है उस विषय या वस्तु का उल्लेख किया जाना चाहिए।
  • तीसरे भाग मे – समाप्ति से थोड़ा पहले, कुछ वाक्य अपने भाई-बहन, माता-पिता, रिश्तेदार व सगे-सबंधियों के कुशलता के लिए लिखने चाहिए। जैसे – मेरी तरफ से बड़ों को प्रणाम, छोटी बहन को मेरा प्यार आदि।
  • समाप्ति – पत्र के अंत में प्रेषक का सम्बन्ध जैसे – आपका पुत्र, आपकी भतीजी आदि।

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Informal Letter in Hindi Sample

निचे अनौपचारिक पत्र (Informal Letter in Hindi Sample) का नमूना दिया गया है। जिसे देखकर आप कोई भी अन्य प्रकार के अनौपचारिक पत्र लिख सकते है।

Types of Informal Letter

Types of Informal Letter – प्रयोग के आधार पर अनौपचारिक पत्र के मुख्यतः निम्नलिखित प्रकार होते हैं:

Informal Letter in Hindi Examples

निमंत्रण पत्र – यह पत्र परिवार या रिश्तेदारों के लोगो को निमंत्रण या न्योता देने के लिए लिखा जाता है जैसे शादी का निमंत्रण देने के लिए पत्र

लाइन बंद होने पर बिजली विभाग को शिकायत पत्र

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बधाई पत्र – बधाई पत्र परिवार या रिश्तेदारों के लोगो को बधाई देने के लिए लिखा जाता है जैसे जन्मदिन की बधाई, परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई, नौकरी लगने पर बधाई देने के लिए पत्र बधाई पत्र अनौपचारिक पत्र का प्रकार है जिसमे कोई पाबन्दी नहीं होती है

बड़ी बहन की शादी पर अवकाश के लिए प्रधानाचार्य को आवेदन पत्र

जानकारी देने या रूपये मंगवाने के लिए पत्र – यह पत्र अधिकतर बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा में पूछा जाता है।

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अधिक पूछे जाने वाले सवाल

अनौपचारिक पत्र कैसे लिखे जाते है?

अनौपचारिक पत्र उन व्यक्तियों को लिखे जाते हैं, जिनसे पत्र लेखक का व्यक्तिगत या निजी सम्बन्ध होता है।

अनौपचारिक पत्र में संबोधन के नीचे क्या लिखा जाता है?

संबोधन में बड़ों के लिए आदरणीय, पूजनीय, पूज्य, श्रद्धेय और छोटों के लिए प्रिय, स्नेही, प्यारे, चिरंजीव, प्रिय, मित्र आदि शब्द का प्रयोग किया जाता है।

कौन से पत्र में विषय नहीं लिखा जाता है?

अनौपचारिक पत्रों को लिखते समय विषय नहीं लिखा जाता है।

Kavita Sahu

नमस्कार मित्रों, मेरा नाम कविता साहू है। मैंने हिंदी साहित्य में स्नातक किया है और मुझे हिंदी भाषा के अध्ययन एवं लेखन में गहरी रुचि है। गृहिणी होने के साथ-साथ मैं हिंदी ब्लॉग भी लिखती हूं।

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