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Formal Letter in Hindi: औपचारिक पत्र के प्रकार, प्रारूप

Kavita Sahu

Publish: 14 Dec, 24 | Update: 14 Dec, 24

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पत्र लेखन एक कला है। हम जानते हैं कि इन सभी पत्रों का एक पूर्व निर्धारित प्रारूप होता है। औपचारिक पत्र (Formal Letter in Hindi) विशेष रूप से अधिकारियों को लिखे जाते हैं। जैसे कि स्कूल में छुट्टी का आवेदन पत्र, समाचार पत्र के संपादक को पत्र, या किसी सरकारी विभाग को आवेदन पत्र ताकि वे रिकॉर्ड में रहें। हमने आपको औपचारिक पत्र (Formal Letter in Hindi) और अनौपचारिक पत्रों के सही प्रारूप और उदाहरण को समझाने का प्रयास किया है।

Formal Letter in Hindi – औपचारिक पत्र

औपचारिक पत्र (Formal Letter in Hindi) किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी कार्यालय (Office) से जुड़े अधिकारियों को लिखा जाता है। ये संदेश लिखने वाले व्यक्ति के लिए अपरिचित होते हैं। ये पत्र पूर्ण रूप से व्यवसायिक या सरकारी होते है।

औपचारिक पत्रों (Formal Letter in Hindi) की भाषा बहुत ही शिष्टतापूर्ण होनी चाहिए। इस प्रकार की पत्रों में सिर्फ काम की बातें ही लिखी जानी चाहिए। औपचारिक पत्र मुख्य रूप से स्कूल के शिक्षक को आवेदन पत्र, सरकारी संस्था में अधिकारियों को अपनी समस्या बताने हेतु लिखे जाते हैं।

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औपचारिक पत्र लिखने हेतु मुख्य बिंदु

  • औपचारिक-पत्र (Formal Letter in Hindi) नियमों में बंधे हुए होते हैं।
  • पत्र लिखते समय संबोधन या अभिवादन का जरूर ध्यान रखना चाहिए।
  • पत्र बायीं ओर के Margin Line के साथ मिलाकर लिखें।
  • वाक्य छोटे हो और अधिकतम शब्द सीमा 150-200 शब्दों के बीच में हो।
  • एक पृष्ठ में ही पूर्ण पत्र को लिखने का प्रयास करना चाहिए।
  • पत्र पर संदेश भेजने वाले का नाम, तिथि, पता अवश्य लिखा होना चाहिए।

इसे भी पढ़े – पत्र लेखन क्या है? पत्र के प्रकार और प्रारूप

औपचारिक पत्र का प्रारूप

सेवा में – पत्र में सबसे बायीं ओर सेवा में लिखकर प्रापक का पदनाम तथा पता लिखें।

विषय – जिस बारे में आप पत्र लिख रहे है केवल उन्ही के बारे में एक वाक्य में विषय को लिखें।

संबोधन – जिसको पत्र लिखा जा रहा है उनके लिए संबोधन का प्रयोग जरुर करना चाहिए। जैसे – महोदय / महोदया, सर, माननीय आदि शिष्टाचारपूर्ण शब्दों का प्रयोग करे।

विषय-वस्तु – इसे दो भाग में लिखना चाहिए।

पहला भाग – “सविनय निवेदन है कि” वाक्य से आरंभ करना चाहिएउसके बाद अपनी समस्या के बारे में लिखें।

दूसरा भाग – “आपसे विनम्र निवेदन है कि” लिख कर आप उनसे क्या उम्मीद रखते हैं या उनसे आपको जिस विषय में बात करनी है वह लिखें।

हस्ताक्षर व नाम – धन्यवाद या कष्ट के लिए क्षमा जैसे शब्दों का प्रयोग करना चाहिए और अंत में भवदीय, भवदीया, प्रार्थी, शुभचिंतक, आपका आज्ञाकारी शिष्य / शिष्या, लिखकर अपना हस्ताक्षर करें और उसके नीचे अपना नाम लिखें।

प्रेषक का पता – शहर / गाँव का मुहल्ला / वार्ड, पिनकोड पत्र के बायीं ओर उपर लिखना चाहिए।

दिनांक – जिस दिन पत्र लिखा जा रहा है उस दिन की तारीख पत्र के बायीं ओर लिखे।

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Formal Letter Format | Aupcharik Patra Format

निचे औपचारिक पत्र (Aupcharik Patra Format) का नमूना दिया गया है। जिसे देखकर आप कोई भी अन्य प्रकार के औपचारिक पत्र (Formal Letter in Hindi) लिख सकते है।

Types of Formal Letters

औपचारिक पत्रों को निम्नलिखित तीन वर्गों में विभाजित किया जा सकता है।

कार्यालयी पत्र (Office Letter) – जो पत्र कार्यालय काम-काज के लिए लिखे जाते हैं, वह कार्यालयी पत्र कहलाते हैं। यह पत्र सरकारी अधिकारियों, स्कूल और कॉलेज के प्रधानाचार्य को लिखे जाते हैं। कार्यालयी पत्र में डाक विभाग, परिवहन विभाग, थाना प्रभारी, और स्कूल प्रधानाचार्य आदि को लिखे गए पत्र आते हैं।

प्रार्थना पत्र (Request Letter) – वह पत्र जिनमे निवेदन अथवा प्रार्थना की जाती है, उसे प्रार्थना पत्र कहते हैं। प्रार्थना पत्र में शिकायत, सुधार, अवकाश आदि के लिए लिखे गए पत्र आते हैं। प्रार्थना पत्र स्कुल के प्रधानाचार्य से लेकर किसी सरकारी विभाग के अधिकारी को भी लिखे जा सकते हैं।

व्यवसायिक पत्र (Business Letter) – व्यवसाय से सम्बंधित वह पत्र जिसमे सामान खरीदने, बेचने या रुपयों के लेन-देन का वर्णन हो उसे व्यवसायिक पत्र कहते हैं। व्यवसायिक पत्रों में दुकानदार, व्यापारी, प्रकाशक, कंपनी आदि को लिखे गए पत्र आते हैं।

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Formal Letter in Hindi Format | Aupcharik Patra Format

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अधिक पूछे जाने वाले सवाल

औपचारिक पत्र में क्या क्या आता है?

औपचारिक पत्र नियमों से बंधे हुए होते हैं, जिसमे हम अपनी भावनाओ को व्यक्त नहीं कर सकते हैं और इसकी शब्द सीमा 150-200 शब्द के बीच होती है।

औपचारिक पत्र लेखन क्या है?

औपचारिक पत्र विशेष रूप से अधिकारियों को लिखे जाते हैं। जैसे कि स्कूल में छुट्टी का आवेदन पत्र, समाचार पत्र के संपादक को पत्र, या किसी सरकारी विभाग को आवेदन पत्र ताकि वे रिकॉर्ड में रहें।

औपचारिक तथा अनौपचारिक पत्र लेखन अन्तर

औपचारिक तथा अनौपचारिक पत्र लेखन में मुख्य अन्तर देखे

Kavita Sahu

नमस्कार मित्रों, मेरा नाम कविता साहू है। मैंने हिंदी साहित्य में स्नातक किया है और मुझे हिंदी भाषा के अध्ययन एवं लेखन में गहरी रुचि है। गृहिणी होने के साथ-साथ मैं हिंदी ब्लॉग भी लिखती हूं।

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