Informal Letter in Hindi: अनौपचारिक पत्र के प्रकार, प्रारूप

अनौपचारिक पत्र (Informal Letter in Hindi) पत्र लेखन का ही एक प्रकार है, जिसे हम अपने भाई-बहन, माता-पिता, रिश्तेदार आदि को लिखने के लिए करते हैं। वह कागज (Paper) जिस पर कोई बात लिखी या छपी हो पत्र कहलाता है। पत्र लेखन के माध्यम से हम अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त कर सकते हैं। पत्र के माध्यम से व्यक्ति अपनी बातों को लिखकर अन्य तक पहुँचा सकता है। और कई बार जिन बातों को हम कहने में हिचकिचाते हैं, उन बातों को पत्रों के माध्यम से आसानी से कहा जा सकता है।

Informal Letter in Hindi – अनौपचारिक पत्र

अनौपचारिक पत्र (Informal Letter in Hindi) अपने परिवार या रिश्तेदार को किसी शुभ कार्य में उपस्थित होने के लिए, विवाह में उपस्थित होने के लिए आमंत्रण, बधाई संदेश देने के लिए उपयोग होता है। अनौपचारिक पत्र हम केवल उन्ही को लिखते हैं जिससे हमारा व्यक्तिगत सम्बन्ध होता है। यह पत्र लिखने में कुछ खास नियमों का पालन करना नहीं पड़ता है। और इन पत्र में शब्दों की सीमा अधिक हो सकती है क्योंकि इन पत्रों में एक दुसरे के हाल-चाल, सुख-दुख का जिक्र होता है।

अनौपचारिक पत्र लिखने हेतु मुख्य बिंदु

  • अनौपचारिक पत्र स्वतंत्र होते हैं, इनमें भाषा और भावनाओं की पाबन्दी नहीं होती है।
  • इस प्रकार के पत्र में सुख-दुःख, मन की बात और भावनाओं को व्यक्त कर लिख सकते हैं।
  • पत्र में भाषा साधारण बोलचाल की भाषा होनी चाहिए जिससे प्रापक को पत्र में लिखी बाते आसानी से समझ में आ जाये।
  • अनौपचारिक पत्र की शब्द सीमा 200 से अधिक हो सकती है क्योंकि इस पत्र में कोई पाबन्दी नहीं होती है।
  • पत्र में पृष्ठों की संख्या एक से अधिक हो सकती है।
  • पत्र प्रेषक और प्रापक का पता स्पष्ट व साफ लिखा होना चाहिए।

इसे भी पढ़े – पत्र लेखन क्या है? पत्र के प्रकार और प्रारूप

Informal Letter in Hindi Format | अनौपचारिक पत्र का प्रारूप

वैसे तो अनौपचारिक पत्र के लिए कोई विशेष नियम नहीं हैं लेकिन पत्र को और आकर्षक और सुन्दर व शिष्टाचार बनाने के लिए निचे दिए गये कुछ नियमों (Informal Letter in Hindi Format) का ध्यान रखना चाहिए।

  • पता – ऊपर बाईं ओर पत्र भेजने वाले का नाम व पता लिखा जाता है।
  • दिनांक – पत्र जिस दिन लिख रहे है उसदिन की तारीख लिखी जानी चाहिए।
  • विषय – अनौपचारिक पत्रों में विषय लिखने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • संबोधन – जिस व्यक्ति के लिए पत्र लिखा जा रहा है उसके लिए संबोधन का प्रयोग किया जाना चाहिए। जैसे – बड़ों के लिए आदरणीय, पूजनीय, पूज्य, श्रद्धेय और छोटों के लिए प्रिय, स्नेही, चिरंजीव, प्यारे, प्रिय मित्र आदि शब्द का प्रयोग किया जाता है।
  • अभिवादन – जिसको पत्र लिखा जा रहा है उसके साथ आपका क्या संबंध है, उसके अनुसार अभिवादन शब्द का प्रयोग करना चाहिए। जैसे – चरण स्पर्श, सादर प्रणाम, नमस्कार, नमस्ते इत्यादि।
  • मुख्य विषय – एक अच्छा पत्र लिखने के लिए मुख्य विषय को तीन भागों में विभाजित करना चाहिए।
  • पहले भाग मे – मैं / हम यहाँ कुशलपूर्वक हूँ / हैं, आशा करता हूँ कि आप भी वहाँ कुशलपूर्वक होंगे।
  • दूसरे भाग मे – जिस लिए पत्र लिखा गया है उस विषय या वस्तु का उल्लेख किया जाना चाहिए।
  • तीसरे भाग मे – समाप्ति से थोड़ा पहले, कुछ वाक्य अपने भाई-बहन, माता-पिता, रिश्तेदार व सगे-सबंधियों के कुशलता के लिए लिखने चाहिए। जैसे – मेरी तरफ से बड़ों को प्रणाम, छोटी बहन को मेरा प्यार आदि।
  • समाप्ति – पत्र के अंत में प्रेषक का सम्बन्ध जैसे – आपका पुत्र, आपकी भतीजी आदि।

Informal Letter in Hindi Sample

निचे अनौपचारिक पत्र (Informal Letter in Hindi Sample) का नमूना दिया गया है। जिसे देखकर आप कोई भी अन्य प्रकार के अनौपचारिक पत्र लिख सकते है।

प्रेषक का पता ………………
दिनांक ……………….

संबोधन ……………….

अभिवादन ……………….
पहला भाग ………………. (कुशल-मंगल समाचार)

दूसरा भाग ……….. (विषय-वस्तु, जिस बारे में पत्र लिख रहे हैं)

तीसरा भाग ……………. (समाप्ति)

प्रापक के साथ प्रेषक का संबंध …………….
प्रेषक का नाम …………….

Types of Informal Letter

Types of Informal Letter – प्रयोग के आधार पर अनौपचारिक पत्र के मुख्यतः निम्नलिखित प्रकार होते हैं:

  • शुभकामना पत्र
  • निमंत्रण पत्र
  • बधाई पत्र
  • सांत्वना पत्र
  • विशेष अवसर पर लिखे पत्र
  • जानकारी या सलाह के लिए पत्र

Informal Letter in Hindi Examples

निमंत्रण पत्र – यह पत्र परिवार या रिश्तेदारों के लोगो को निमंत्रण या न्योता देने के लिए लिखा जाता है जैसे शादी का निमंत्रण देने के लिए पत्र

बहन की शादी के लिए रिश्तेदार (मामा जी) को निमंत्रण पत्र
सेक्टर 10, भिलाई
20 जनवरी 2021

आदरणीय मामा जी,

मधुर स्मृतियाँ।
मैं यहाँ पर कुशल मंगल हूँ, आशा करता हूँ की आप भी वहाँ पर कुशल मंगल होंगें। आपका पिछला पत्र हमे मिला और जानकर बहुत अच्छा लगा की आप और घर में सभी अच्छे और स्वस्थ हैं।

आपको यह जानकार बड़ी प्रशन्नता होगी कि मेरी बड़ी बहन सरिता का विवाह अगले माह फ़रवरी महीने के 12 तारीख को तय हुआ है। अतः आप सभी इस शादी में सादर आमंत्रित है। बारात 12 फ़रवरी को बिलासपुर से सुबह के 11.00 बजे आएगी। दुल्हन का पति एक सरकारी कार्यालय में इंजिनियर के पोस्ट में पदस्त है। वह स्वभाव और दिखने में बहुत अच्छा है। मैंने सभी रिश्तेदारों को पत्र लिख दिया है वे सभी जल्द ही आ जाएंगे। आप सभी भी जल्दी आइयेगा क्योंकि शादी की तैयारी आपको ही करनी है।

मैं आशा करता हूँ कि आप इस विवाह समारोह में अपने परिवार के साथ जरूर आयेंगे। नाना और नानी को मेरी तरफ से प्रणाम कहियेगा।

आपका प्रिय भांजा
विजय कुमार

लाइन बंद होने पर बिजली विभाग को शिकायत पत्र

बधाई पत्र – बधाई पत्र परिवार या रिश्तेदारों के लोगो को बधाई देने के लिए लिखा जाता है जैसे जन्मदिन की बधाई, परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई, नौकरी लगने पर बधाई देने के लिए पत्र बधाई पत्र अनौपचारिक पत्र का प्रकार है जिसमे कोई पाबन्दी नहीं होती है

मित्र को परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई पत्र
घडी चौक, रायपुर
20 जून 2021

प्रिय मित्र गोपाल,

सदा खुश रहो।
मैं यहाँ पर कुशल-मंगल हूँ और आशा करता हूँ कि वहाँ पर भी सभी कुशलपूर्वक होंगें। बहुत समय से आपसे बात हो नहीं हो पाई और न ही आपके घर पर किसी से बात कर पाया।

कल मैंने अखबार में आपका फोटो देखा तो मालूम हुआ की आप 10वीं बोर्ड परीक्षा में बलौदाबाजार जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किये हो। इस समाचार को पढ़कर मन ख़ुशी से भर गया। मुझे तो पहले से ही विश्वास था की आप प्रथम श्रेणी में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण होंगे लेकिन यह जानकार की आपने परीक्षा में प्रथम श्रेणी के साथ-साथ जिले में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस परीक्षा में आपके कठिन परिश्रम और नियमित पढ़ाई ने ही आपके इस ऊँचाई तक पहुँचाया है। आपने प्रथम स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया की दृढ संकल्प और कठिन परिश्रम से कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है।

मैं सदैव यह कामना करूँगा की आपको जीवन में हर परीक्षा में अच्छे नंबर के साथ प्रथम स्थान प्राप्त हो और आप इसी प्रकार परिवार और विद्यालय का गौरव बढ़ाते रहो। मेरी तरफ से घर में सभी को प्रणाम और छोटे भाई को स्नेह भरा प्यार

आपका मित्र,
अजय कुमार

बड़ी बहन की शादी पर अवकाश के लिए प्रधानाचार्य को आवेदन पत्र

जानकारी देने या रूपये मंगवाने के लिए पत्र – यह पत्र अधिकतर बोर्ड कक्षाओं की परीक्षा में पूछा जाता है।

रूपये मंगवाने हेतु पिताजी को पत्र लिखिए
राम नगर, गुजरात
10 जन 2022

पूज्य पिताजी,

सादर चरण स्पर्श।
मैं यहाँ पर कुशल मंगल हूँ। आशा करता हूँ कि आप भी वहाँ पर कुशलपूर्वक होंगें। बहुत समय हो गया है आपको और माताजी को देखे आप सभी की बहुत याद आती है।

मेरी पढ़ाई बहुत अच्छी चल रही है। मेरी वार्षिक परीक्षा की तारीख आ चुकी है। अतः परीक्षा को ध्यान में रखते हुए मुझे कुछ पुस्तक, कॉपिया और परीक्षा से सम्बंधित कुछ आवश्यक सामग्री खरीदनी है। जिसके लिए मुझे 1000 रूपये की आवश्यकता है। अतः आप जल्द ही यह राशि मुझे भिजवाने का प्रबंध करे।

घर में माता जी और बड़ो को मेरा प्रणाम और चिंटू को मेरा स्नेह भरा प्यार।

आपका पुत्र,
संजय कुमार
बड़े भाई को जन्मदिन के उपहार भेजने पर धन्यवाद पत्र
जी.ई रोड, बनारस
15 दिसंबर 2021

आदरणीय बड़े भैया,

सादर प्रणाम।
मैं यहां पर कुशल मंगल हूँ, और आशा करती हूँ कि आप भी वहां पर कुशल होंगे। आदरणीय भैया पिछले सप्ताह मेरा जन्मदिन था और मुझे आपका वह पत्र प्राप्त हुआ जिसमें न आने का कारण बताया था।

मैं आपके आने की उम्मीद लगाकर बैठी थी लेकिन आप मेरे जन्मदिन में नहीं आये जिसके लिए मै आपसे बहुत ज्यादा नाराज हूँ।
आपने अपने उस पत्र के साथ मेरे जन्मदिन का उपहार भी भेजा था। हालांकि कोई भी उपहार आपकी मौजूदगी से ज्यादा शायद ही मुझे खुशी देती, लेकिन यह उपहार पाकर मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। आप यह जानते हैं कि मैं समय की कितनी अधिक पाबन्द हूँ और इसलिए आपने यह घड़ी मुझे भेंट स्वरूप देकर, मेरे इरादों को और भी ज्यादा मजबूत किया है। आपकी यह घड़ी मुझे अनुशासन और समय के महत्व के बारे में सदैव बताती रहेगी। मैं यह घड़ी पाकर बहुत ज्यादा खुश हूं और यह प्रार्थना करती हूं कि मेरे अगले जन्मदिन पर आप भी मौजूद रहें।

घर में माताजी और पिताजी को मेरा प्रणाम कहियेगा और गौरव को मेरा बहुत सारा स्नेह दीजिएगा। छुट्टियाँ होते ही मैं आप सभी से मिलने आउंगी।

आपकी प्यारी बहन,
आरती

FAQs

अनौपचारिक पत्र कैसे लिखे जाते है?

अनौपचारिक पत्र उन व्यक्तियों को लिखे जाते हैं, जिनसे पत्र लेखक का व्यक्तिगत या निजी सम्बन्ध होता है।

अनौपचारिक पत्र में संबोधन के नीचे क्या लिखा जाता है?

संबोधन में बड़ों के लिए आदरणीय, पूजनीय, पूज्य, श्रद्धेय और छोटों के लिए प्रिय, स्नेही, प्यारे, चिरंजीव, प्रिय, मित्र आदि शब्द का प्रयोग किया जाता है।

कौन से पत्र में विषय नहीं लिखा जाता है?

अनौपचारिक पत्रों को लिखते समय विषय नहीं लिखा जाता है।

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