Vakyansh Ke Liye Ek Shabd: वाक्यांश के लिए एक शब्द 1400+

हिन्दी भाषा में अधिक से अधिक वाक्यांशों को कम से कम शब्दों में व्यक्त करने के लिए Vakyansh Ke Liye Ek Shabd का प्रयोग होता है।अपनी बातों को सही और छोटे रूप में रखना एक कला है। भाषा को सुंदर, आकर्षक और प्रभावशाली बनाने के लिए हर भाषा में ऐसे शब्द होते हैं जो किसी पुरे वाक्य के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं। हिंदी में भी कई शब्दों या वाक्य के स्थान पर एक शब्द बोलकर या लिखकर हम भाषा को और भी प्रभावशाली बना सकते हैं।

परिभाषा – Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

जहाँ पर अनेक शब्दों या वाक्यों के लिए केवल एक शब्द का प्रयोग हो उसे वाक्यांश के लिए एक शब्द (Vakyansh Ke Liye Ek Shabd)  कहा जाता है। वाक्यांश शब्द समूह का वह सार्थक रूप है जिससे एक विचार की स्पष्ट एवं पूर्ण अभिव्यक्ति होती हो।

उदाहरण

वाक्यांश वाक्यांश के लिए एक शब्द
किसी काम को बार बार करने का अनुभव रखने वालाअभ्यस्त

वाक्यांश किसे कहते हैं?

किसी वाक्य का ऐसा कोई अंश जिसका एक स्वतंत्र अर्थ निकलता है, उसे वाक्यांश कहते हैं। 

वाक्यांश के लिए एक शब्द के उदाहरण

एसएससी, पटवारी, सहायक ग्रेड-3, टेट, सेट और अन्य कई सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में वाक्यांश के लिए एक शब्द से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए हम आप सभी के लिए 1400+ महत्वपूर्ण Vakyansh Ke Liye Ek Shabd के उदाहरण लेकर आये हैं।

अ, आ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1अधिकार या कब्जे में आया हुआ- (अधिकृत)
2अन्य से सम्बन्ध न रखने वाला- (अनन्य)
3अनुचित बात के लिए आग्रह- (दुराग्रह)
4अण्डे से जन्म लेने वाला- (अण्डज)
5आकाश को चूमनेवाला- (आकाशचुंबी)
6अपने देश से दुसरे देश में समान जाना- (निर्यात)
7अपनी हत्या स्वयं करना- (आत्महत्या)
8अवसर के अनुसार बदल जाने वाला- (अवसरवादी)
9अच्छे चरित्र वाला- (सच्चरित्र)
10अपने देश से दुसरे देश में समान जाना- (निर्यात)
11अपनी हत्या स्वयं करना- (आत्महत्या)
12अत्यंत सुन्दर स्त्री- (रूपसी)
13आकाश को चूमने वाला- (गगनचुंबी)
14आकाश में उड़ने वाला- (नभचर)
15आलोचना करने वाला- (आलोचक)
16अपने परिवार के साथ- (सपरिवार)
17आगे होनेवाला- (भावी)
18आँखों के सामने- (प्रत्यक्ष)
19आँखों से परे- (परोक्ष)
20आवश्यकता से अधिक वर्षा- (अतिवृष्टि)
21आशा से अतीत (अधिक)- (आशातीत)
22आकाश या गगन चुमनेवाला- (आकाशचुम्बी, गगनचुम्बी)
23आलोचना करनेवाला- (आलोचक)
24आलोचना के योग्य- (आलोच्य)
25आया हुआ- (आगत)
26अवश्य होनेवाला- (अवश्यम्भावी)
27अत्यधिक वृष्टि- (अतिवृष्टि)
28अपने बल पर निर्भर रहने वाला- (स्वावलम्बी)
29अचानक हो जाने वाला- (आकस्मिक)
30आदि से अन्त तक- (आद्योपान्त)
31आगे का विचार करने वाला- (अग्रसोची)
32आज्ञा का पालन करने वाला- (आज्ञाकारी)
33आढ़त का व्यापर करने वाला- (आढ़तिया)
34अल्प (कम) वेतन भोगनेवाला (पानेवाला)- (अल्पवेतनभोगी)
35आशा से अधिक- (आशातीत)
36अभिनय करने योग्य- (अभिनेय)
37अभिनय करने वाला पुरुष- (अभिनेता)
38अभिनय करने वाली स्त्री- (अभिनेत्री)
39अच्छा-बुरा समझने की शक्ति का अभाव- (अविवेक)
40अपने हिस्से या अंश के रूप में कुछ देना- (अंशदान)
41अनुकरण करने योग्य- (अनुकरणीय)
42आत्मा व परमात्मा का द्वैत (अलग-अलग होना) न माननेवाला- (अद्वैतवादी)
43अपनी झक (धुन) में मस्त रहने वाला- (झक्की)
44अध्ययन (पढ़ना) का काम करनेवाला- (अध्येता)
45अध्यापन (पढ़ाने) का काम करनेवाला- (अध्यापक)
46आग से झुलसा हुआ- (अनलदग्ध)
47अपने प्राण आप लेने वाला- (आत्मघाती)
48अर्थ या धन से सम्बन्ध रखने वाला- (आर्थिक)
49आदि से अन्त तक- (आद्योपान्त)
50आशा से अतीत (परे)- (आशातीत)
क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
51आयोजन करने वाला व्यक्ति- (आयोजक)
52आशुलिपि (शार्ट हैण्ड) जाननेवाला लिपिक- (आशुलिपिक)
53अपनी इच्छा के अनुसार काम करनेवाला- (इच्छाचारी)
54आड़ या परदे के लिये रथ या पालकी को ढकनेवाला कपड़ा- (ओहार)
55अपनी विवाहित पत्नी से उत्पत्र (पुत्र)- (औरस (पुत्र)
56अपने कर्तव्य का निर्णय न कर सकने वाला- (किंकर्तव्यविमूढ़)
57अधिक दिनों तक जीने वाला- (चिरंजीवी)
58अन्न को पचाने वाली जठर (पेट) की अग्नि- (जठराग्नि)
59अपना हित चाहने वाला- (स्वार्थी)
60आँवला, हर्र व बहेड़ा- (त्रिफला)
61अनुचित या बुरा आचरण करने वाला- (दुराचारी)
62अपराध और उन पर दण्ड देने के नियम निर्धारित करने वाला प्रश्न – (दण्डसंहिता)
63अभी-अभी जन्म लेने वाला- (नवजात)
64आधे से अधिक लोगों की सम्मिलित एक राय- (बहुमत)
65आटा पीसने वाली स्त्री-(पिसनहारी)
66अपनी इच्छा से दूसरों की सेवा करने वाला- (स्वयंसेवक)
67अगस्त्य की पत्नी- (लोपामुद्रा)
68अपने देश के साथ विश्वासघात करने वाला- (देशद्रोही)
69अनुचित बात के लिये आग्रह- (दुराग्रह)
70आँख की बीमारी- (दृष्टिदोष)
71अपने पति के प्रति अनन्य अनुराग रखने वाली- (पतिव्रता)
72अपने पद से हटाया हुआ- (पदच्युत)
73अपने को पंडित माननेवाला- (पंडितम्मन्य)
74आचार्य की पत्नी- (आचार्यानी)
75आँखों के समक्ष- (प्रत्यक्ष)
76आय से अधिक व्यर्थ खर्च करने वाला- (फिजूलखर्ची)
77आय-व्यय, लेन-देन का लेखा करने वाला- (लेखाकार)
78अपने परिवार के साथ है जो- (सपरिवार)
79अपने ही बल पर निर्भर रहने वाला- (स्वावलम्बी)
80अविवाहित लड़की- (कुमारी)
81अगहन और पूस में पड़ने वाली ऋतु- (हेमन्त)
82अधः (नीचे) लिखा हुआ- (अधोलिखित)
83अंडों से निकली छोटी मछलियों का समूह- (पोताधान)
84अनुवाद करनेवाला- (अनुवादक)
85अनुवाद किया हुआ- (अनूदित)
86अनेक राष्ट्रों में आपस में होनेवाली बात- (अन्तर्राष्ट्रीय)
87आत्मा या अपने आप पर विश्वास- (आत्मविश्वास)
88आलस्य में जँभाई लेते हुए देह टूटना- (अँगड़ाई)
89अंग पोंछने का वस्त्र- (अँगोछा)
90अति सूक्ष्म परिमाण- (अणिमा)
91आज के दिन से पूर्व का काल- (अनद्यतनभूत)
92अध्ययन किया हुआ- (अधीत)
93अनुभव प्राप्त- (अनुभवी)
94असम्बद्ध विषय का- (अविवक्षित)
95आठ पदवाला- (अष्टपदी)
96अनुमान किया हुआ- (अनुमानित)
97अनिश्चित जीविका- (आकाशवृत्ति)
98आम का बगीचा- (अमराई)
99अनुसंधान की इच्छा- (अनुसंधित्सा)
100आकाश से तारे का टूटना- (उपप्लव)
101अँगुलियों में होनेवाला फोड़ा- (इकौता)
102अपना नाम स्वयं लिखना- (हस्ताक्षर)
103अपना मतलब साधनेवाला- (स्वार्थी)
104अस्तित्वहीन वस्तु का विश्लेषण- (काकदन्तपरीक्षण)
105अँधेरी रात- (तमिस्रा)
106अशुभ विचार- (व्यापाद)
107अन्य देश का पुरुष- (उपही)
108अपने देश से प्यार करने वाला- (देशभक्त)
109अधिक रोएँ वाला- (लोमश)
110अमावस्या की रात- (कुहू)

इ, ई से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
111इस लोक से संबंध रखनेवाला- (ऐहलौकिक)
112ईश्वर में आस्था रखने वाला- (आस्तिक)
113ईश्वर पर विश्वास न रखने वाला- (नास्तिक)
114इतिहास का ज्ञाता- (अतिहासज्ञ)
115इन्द्रियों को जीतनेवाला- (जितेन्द्रिय)
116इन्द्रियों की पहुँच से बाहर- (अतीन्द्रिय)
117इतिहास से सम्बन्ध रखने वाला- (ऐतिहासिक)
118ईश्वर में विश्वास रखने वाला- (आस्तिक)
119इन्द्र का महल- वैजयन्त
120इंद्रियों पर किया जानेवाला वश- (इंद्रियाविग्रह)
121इतिहास को जानने वाला- (इतिहासज्ञ)
122इस लोक से सम्बन्धित- (ऐहिक)
123इन्द्रजाल करने वाला- (ऐन्द्रजालिक)
124इंद्रियों से संबंधित- (ऐंद्रिक)
125इतिहास से संबंधित- (ऐतिहासिक)
126ईश्वर या स्वर्ग का खजाँची- (कुबेर)
127इस्लाम पर विश्वास न करनेवाला- (दौहित्र/नाती)
128ईश्वर द्वारा भेजा गया दूत- (काफिर)
129इन्द्रपुरी की वेश्य- (अमरांगना)
130इन्द्रियों को वश में करने वाला- (इन्द्रियजित)

ऊ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
131उसी समय का- (तत्कालीन)
132ऊपर कहा हुआ- (उपर्युक्त)
133ऊपर आने वाला श्वास- (उच्छवास)
134उत्तर दिशा- (उदीची)
135ऊपर की ओर बढ़ती हुई साँस- (उर्ध्वश्वास)
136उपचार या ऊपरी दिखावे के रूप में होने वाला- (औपचारिक)
137उच्च न्यायालय का न्यायाधीश- (न्यायमूर्ति)
138उपकार के प्रति किया गया उपकार- (प्रत्युपकार)
139ऊपर कहा हुआ- (उपर्युक्त)
140ऊपर लिखा गया- (उपरिलिखित)
141उतरती युवावस्था का- (अधेर)
142ऊपर की ओर जानेवाला-(उर्ध्वगामी)
143उच्च वर्ण के पुरुष के साथ निम्न वर्ण की स्त्री का विवाह- (अनुलोम विवाह)

ऐ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
144एक स्थान से दूसरे स्थान को हटाया हुआ- (स्थानान्तरित)
145एक ही समय में वर्तमान- (समसामयिक)
146एक राजनीतिक दल को छोड़कर दूसरे दल में शामिल होने वाला- (दलबदलू)
147एक भाषा की लिखी हुई बात को दूसरी भाषा में लिखना या कहना- (अनुवाद)
148ऐसा व्रत, जो मरने पर ही समाप्त हो-(आमरणव्रत)
149ऐसा ग्रहण जिसमें सूर्य या चन्द्र का पूरा बिम्ब ढँक जाय- (खग्रास)
150ऐसा जो अंदर से खाली हो- (खोखला)
151एक व्यक्ति द्वारा चलायी जाने वाली शासन प्रणाली- (तानाशाही)
152एक देश से माल दूसरे देश में जाने की क्रिया- (निर्यात)
153ऐतिहासिक युग के पूर्व का- (प्रागैतिहासिक)
154एक महीने में होने वाला- (मासिक)
155एक ही जाति का- (सजातीय)
156एक ही समय में उत्पन्न होने वाला- (समकालीन)
157एक ही समय में वर्तमान- (समसामयिक)
158ऐसी भूमि जो उपजाऊ नहीं हो- (ऊसर)
159एक सप्ताह में होने वाला- (साप्ताहिक)
160ऐसा तर्क जो देखने पर ठीक प्रतीत होता हो, किन्तु वैसा न हो- (तर्काभास)

क से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
161कम अक्लवाला- (अल्पबुद्धि)
162किसी पद का उम्मीदवार- (प्रत्याशी)
163कीर्तिमान पुरुष- (यशस्वी
164कम खर्च करने वाला- (मितव्ययी)
165कम जानने वाला- (अल्पज्ञ)
166कम बोलनेवाला- (मितभाषी)
167कार्य करनेवाला- (कार्यकर्त्ता)
168कठिनाई से समझने योग्य- (दुर्बोध)
169कल्पना से परे हो- (कल्पनातीत)
170किसी की हँसी उड़ाना- (उपहास)
171कुछ दिनों तक बने रहने वाला- (टिकाऊ)
172किसी बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना- (अतिशयोक्ति)
173कठिनता से प्राप्त होने वाला- (दुर्लभ)
174किसी पद का उम्मीदवार- (प्रत्याशी)
175किसी विषय को विशेषरूप से जाननेवाला- (विशेषज्ञ)
176किसी काम में दूसरे से बढ़ने की इच्छा या उद्योग- (स्पर्द्धा)
177क्रम के अनुसार- (यथाक्रम)
178किसी बात पर बार-बार जोर देना- (आग्रह)
179करने योग्य- (करणीय, कर्तव्य)
180किसी कथा के अंतर्गत आने वाली दूसरी कथा- (अन्तःकथा)
181कर या शुल्क का वह अंश जो किसी कारणवश अधिक से अधिक लिया जाता है-(अधिभार)
182किसी पक्ष का समर्थन करने वाला- (अधिवक्ता)
183वह अधिकारी जो अपने अधीन कार्य करने वाले कर्मचारियों की निगरानी रखे- (अधीक्षक)
184किसी सभा, संस्था का प्रधान- (अध्यक्ष)
185किसी कार्य के लिए दी जाने वाली सहायता- (अनुदान)
186किसी मत या प्रस्ताव का समर्थन करने की क्रिया- (अनुमोदन)
187किसी व्यक्ति या सिद्धान्त का समर्थन करने वाला- (अनुयायी)
188किसी कार्य को बार-बार करना- (अभ्यास)
189किसी वस्तु का भीतरी भाग- (अभ्यन्तर)
190किसी वस्तु को प्राप्त करने की तीव्र इच्छा- (अभीप्सा)
191किसी प्राणी को न मारना- (अहिंसा)
192किसी नई चीज का बनाना- (ईजाद, अविष्कार)
193किसी पात्र आदि के अन्दर का स्थान, जिसमें कोई चीज आ सके-(आयतन)
194किसी अवधि से संबंध रखने वाला- (आवधिक)
195किसी देश के वे निवासी जो पहले से वहाँ रहते रहे हैं- (आदिवासी)
196किसी चीज या बात की इच्छा रखनेवाला- (इच्छुक)
197किन्हीं घटनाओं का कालक्रम से किया गया वृत- (इतिवृत)
198कारागार से संबंध रखने वाला- (कारागारिक)
199किसी के बाद उसकी संपत्ति प्राप्त करने वाला- (उत्तराधिकारी)
200किसी एक पक्ष से संबंधित- (एकपक्षीय)
201कष्टों या काँटों से भरा हुआ- (कंटकाकीर्ण)
202किसी के उपकार को न मानने वाला- (कृतघ्न)
203किसी की कृपा से पूरी तरह संतुष्ट- (कृतार्थ)
204कुछ जानने या ज्ञान प्राप्त करने की चाह- (जिज्ञासा)
205कार्य करने वाला व्यक्ति- (कार्यकर्ता)
206किन्हीं निश्चित कार्यों के लिए बनायी गयी समिति- (कार्यसमिति)
207क्रम के अनुसार- (क्रमानुसार)
208किसी विचार/निर्णय को कार्यरूप देना- (कार्यान्वयन)
209किसी के घर की होनेवाली तलाशी- (खानातलाशी)
210किसी के इर्द-गिर्द घेरा डालने की क्रिया- (घेराबन्दी)

क से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
211करुण स्वर में चिल्लाना- (चीत्कार)
212किसी को सावधान करने के लिए कही जाने वाली बात- (चेतावनी)
213किसी वस्तु का चौथा भाग- (चतुर्थाश)
214किसी काम या व्यक्ति में छिद्र या दोष निकालने का कार्य- (छिद्रान्वेषण)
215कर्मचारियों आदि को छाँटकर निकालने की क्रिया- (छँटनी)
216किसी भी बात को जानने की इच्छा- (जिज्ञासा)
217किसी के पास रखी हुई दूसरे की वस्तु- (थाती/धरोहर/अमानत)
218किसी के सम्पूर्ण जीवन के कार्यों का विवरण- (जीवनचरित)
219काँटेदार झाड़ियों का समूह- (झाड़झंखाड़)
220किसी ग्रंथ या रचना की टीका करनेवाला- (टीकाकार)
221किराए पर चलनेवाली मोटर गाड़ी- (टैक्सी)
222किसी पद अथवा सेवा से मुक्ति का पत्र- (त्यागपत्र)
223किसी भी पक्ष का समर्थन न करने वाला- (तटस्थ)
224कोई काम या पद छोड़ देने के लिये लिखा गया पत्र- (त्यागपत्र)
225कुछ निश्चित लम्बाई का कपड़ा- (थान)
226किसी विषय को विशेष रूप से जाननेवाला- (विशेषज्ञ)
227कपड़ा साइन का व्यवसाय करने वाला- (दर्जी)
228किसी के साथ सम्बन्ध न रखने वाला- (निःसंग)
229कही हुई बात को बार-बार कहना- (पिष्टपेषण)
230किसी आरोप के उत्तर में किया जाने वाला आरोप- (प्रत्यारोप)
231किसी टूटी-फूटी वस्तु का पुनर्निर्माण- (पुनर्निर्माण)
232किसी देवता पर चढ़ाने के लिए मारा जाने वाला पशु- (बलि)
233किसी पद पर जो पहले रहा हो- (भूतपूर्व)
234किसी बात का गूढ़ रहस्य जानने वाला- (मर्मज्ञ)
235किसी मत को मानने वाला- (मतानुयायी)
236कम खर्च करने वाला- (मितव्ययी)
237क्रम के अनुसार- (यथाक्रम)
238कुबेर का बगीचा- (चैत्ररथ)
239कुबेर की नगरी- (अलकापुरी)
240किसी छोटे से प्रसन्न हो उसका उपकार करना- (अनुग्रह)
241किसी के दुःख से दुःखी होकर उसपर दया करना- (अनुकम्पा)
242किसी श्रेष्ठ का मान या स्वागत- (अभिनन्दन)
243किसी विशेष वस्तु की हार्दिक इच्छा- (अभिलापा)
244किसी के शरीर की रक्षा करनेवाला- (अंगरक्षक)
245किसी को भय से बचाने का वचन देना- (अभयदान)
246केवल फल खाकर रहनेवाला- (फलाहारी)
247किसी कलाकार की कलापूर्ण रचना- (कलाकृति)
248करने की इच्छा- (चिकीर्षा)
249काला पानी की सजा पाया कैदी- (दामुल कैदी)
250कुबेर का पुत्र- (नलकूबर)
251कुबेर का विमान- (पुष्पक)
252कच्चे मांस की गंध- (विस्र)
253कमल के समान गहरा लाल रंग- (शोण)
254काला पीला मिला रंग- (कपिश)
255केंचुए की स्त्री- (शिली)
256कुएँ की जगत- (वीनाह)
257किसी के पास रखी हुई दूसरे की सम्पत्ति-(थाती/न्यास)
258केवल वर्षा पर निर्भर- (बारानी)
259कलम की कमाई खानेवाला- (मसिजीवी)
260कुएँ के मेढ़क के समान संकीर्ण बुद्धिवाला- (कूपमंडुक)
261कुछ खास शर्तों द्वारा कोई कार्य कराने का समझौता- (संविदा)
262किसी काम में दखल देना- (हस्तक्षेप)
263कुसंगति के कारण चरित्र पर दोष- (कलंक)

ख, ग से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
264खेलना का मैदान- (क्रीड़ास्थल)
265खाने से बचा हुआ जूठा भोजन- (उच्छिष्ट)
266खाने की इच्छा- (बुभुक्षा)
267खून से रँगा हुआ- (रक्तरंजित)
268खाने योग्य पदार्थ- (खाद्य)
269गोपों को घेरा बाँधकर नाचने की क्रिया- (रास)
270गिरा हुआ- (पतित)
271गृह (घर) बसाकर स्थित (रहनेवाला)- (गृहस्थ)
272ग्राम का रहनेवाला- (ग्रामीण)
273गोद लिया हुआ पुत्र- (दत्तक (पुत्र) )
274गुण-दोषों का विवेचन करने वाला- (आलोचक)
275गुरु के समीप रहनेवाला विद्यार्थी- (अन्तेवासी)
276गणित शास्त्र के जानकार- (गणितज्ञ)
277गंगा का पुत्र- (गांगेय)
278गगन (आकाश) चूमने वाला- (गगनचुम्बी)
279गृह (घर) बसा कर रहने वाला- (गृहस्थ)

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घ, च से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
280घृणा करने योग्य- (घृणास्पद)
281घास छीलने वाला- (घसियारा)
282घूस लेने वाला/रिश्वत लेने वाला- (घूसखोर/रिश्वतखोर)
283घुलने योग्य पदार्थ- (घुलनशील)
284घास खानेवाला- (तृणभोजी)
285घर के सबसे ऊपर के खंड की कोठरी- (अटारी)
286घूम-फिरकर सौदा बेचने वाला- (फेरीवाला)
287घर के सामने का मंच- (आलिन्द)
288चौथे दिन आने वाला ज्वर- (चौथिया)
289चार वेदों को जानने वाला- (चतुर्वेदी)
290चार राहों वाला- (चौराहा)
291चेतन स्वरूप की माया- (चिद्विलास)
292चूहे फँसाने का पिंजड़ा- (चूहेदानी)
293चारों ओर की सीमा- (चौहदी)
294चारों ओर जल से घिरा हुआ भू-भाग- (टापू)
295चौपायों के बाँधने का स्थान- (थान)
296चार मुखों वाला – (चतुरानन)
297चिंता में डूबा हुआ- (चिंतित)
298चुनाव में अपना मत देने की क्रिया- (मतदान)
299चोरी छिपे चुंगी शुल्क आदि दिये बिना माल लाकर बेचनेवाला- (तस्कर)

छ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
300छत में टाँगने का शीशे का कमल या गिलास, जिसमें मोमबत्तियाँ जलती हों- (फानूस)
301छिपे वेश में रहना- (छद्मवेश)
302छः महीने के समय से सम्बन्धित- (छमाही)
303छोटे कद का आदमी- (बौना)
304छह कोने वाली आकृति- (षट्कोण)
305छह-छह महीने पर होने वाला- (षाण्मासिक)
306छूत से फैलने वाला रोग- (संक्रामक)
307छाती का घाव- (उरक्षत)
308छः मुँहों वाला- (षण्मुख/षडानन)
309छात्रों के रहने का स्थान- (छात्रावास)

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ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
310जो दिखाई न दे- (अदृश्य)
311जो कभी न मरे- (अमर)
312जो पढ़ा-लिखा न हो- (अपढ़, अनपढ़)
313जो अक्षर (पढ़ना-लिखना) जानता है- (साक्षर)
314जो दूसरों पर अत्याचार करें- (अत्याचारी)
315जो वन में घूमता हो- (वनचर)
316जो कभी नष्ट न हो- (अनश्वर)
317जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो- (कुलीन)
318जो क्षमा के योग्य हो- (क्षम्य)
319जो कम बोलता हो- (मितभाषी)
320जो अधिक बोलता हो- (वाचाल)
321जो सब जगह व्याप्त हो- (सर्वव्यापक)
322जो देखने योग्य हो- (दर्शनीय)
323जो कुछ न करता हो-(अकर्मण्य)
324जो पुत्र गोद लिया हो- (दत्तक)
325जो मान-सम्मान के योग्य हो- (माननीय)
326जो नष्ट न होने वाला हो- (अविनाशी)
327जो किसी का पक्ष न ले- (तटस्थ)
328जो परिचित न हो- (अपरिचित)
329जो स्थिर रहे- (स्थावर)
330जो शरण में आया हो- (शरणागत)
331जो इस लोक से बाहर की बात हो- (अलौकिक)
332जो धन का दुरुपयोग करता है- (अपव्ययी)
333जो कानून के विरुद्ध हो- (अवैध)
334जो कानून के अनुसार हो- (वैध)
335जो पहले न पढ़ा हो- (अपठित)
336जो आँखों के सामने न हो- (अप्रत्यक्ष)
337जो आँखों के सामने हो- (प्रत्यक्ष)
338जो दो भाषाएँ जानता हो- (दुभाषिया)
339जो धर्म का काम करे- (धर्मात्मा)
340जो अभी – अभी पैदा हुआ हो- (नवजात)
341जो कठिनाई से प्राप्त हो- (दुर्लभ)
342जो स्वयं पैदा हुआ हो- (स्वयंभू)
343जो थोड़ी देर पहले पैदा हुआ हो- (नवजात)
344जो क्षमा करने के योग्य हो- (क्षम्य)
345जो बहुत समय कर ठहरे- (चिरस्थायी)
346जो उच्च कुल में उत्पन्न हुआ हो- (कुलीन)
347जो कभी नष्ट न हो- (अनश्वर)
348जो उदार न हो- (अनुदार)
349जो चित्र बनाता हो- (चित्रकार)
350जो बूढ़ा न हो- (अजर)
351जो नहीं हो सकता- (असंभव)
352जो हो सकता- (संभव)
353जो आमिष (मांस) नहीं खाता- (निरामिष)
354जो पहरा देता है- (प्रहरी)
355जो दूसरों पर अत्याचार करें- (अत्याचारी)
356जो किसी पक्ष में न हो- (तटस्थ)
357जो कभी न मरे- (अमर)
358जो कहा न जा सके- (अकथनीय)
359जो गिना न जा सके- (अगणित)
360जो व्याकरण जानता है- (वैयाकरण)

ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
361जो जन्म से अंधा हो- (जन्मांध)
362जो किये गये उपकारों को जानता या (मानता) है- ( कृतज्ञ)
363जो किये गये उपकारों को नहीं मानता है- (कृतघ्न)
364जो टुकड़े-टुकड़े हो गया हो- (खंडित)
365जो क्षमा के योग्य हो- (क्षम्य)
366जो सब जगह व्याप्त हो-(सर्वव्यापक)
367जो परिचित न हो- (अपरिचित)
368जो सब कुछ जानता है- (सर्वज्ञ)
369जो किसी की ओर से है- (प्रतिनिधि)
370जो बहुत जानता है- (बहुज्ञ)
371जो स्त्री कविता लिखती है- (कवयित्री)
372जो पुरुष कविता रचता है- (कवि)
373जो शत्रु की हत्या करता है- (शत्रुघ्न)
374जो मांस का आहार करता है- (मांसाहारी)
375जो शाक का आहार करता है-(शाकाहारी)
376जो फल का आहार करता है- (फलाहारी)
377जो विज्ञान जनता है- (वैज्ञानिक)
378जो सर्वशक्तिसम्पत्र है- (सर्वशक्तिमान्)
379जो लोक में संभव न हो- (अलौकिक)
380जो स्वार्थ (अपनी ही भलाई) चाहता है- (स्वार्थी)
381जो परमार्थ( दूसरों की भलाई) चाहता है-(परमार्थी)
382जो देखने में प्रिय लगता है- (प्रियदर्शी)
383जो आसानी से लब्ध (प्राप्य) है- (सुलभ)
384जो पर (दूसरों) के अधीन है- (पराधीन)
385जो मन को हर ले- (मनोहर)
386जो धर्म करता है- (धर्मात्मा)
387जो साँप पकड़ता है- (सँपेरा)
388जो पीने योग्य हो- (पेय)
389जो नाचता है- (नर्तक, नृत्यकार)
390जो अभिनय करता है- (अभिनेता)
391जो कुछ नहीं जानता है- (अज्ञ)
392जो अग्र (आगे) की बात सोचता है- (अग्रशोची)
393जो नया आया हुआ हो- (नवागन्तुक)
394जो भू के गर्भ (भीतर) का हाल जानता हो- (भूगर्भवेत्ता)
395जो कहा न जा सके- (अकथनीय)
396जो भू को धारण करता है- (भूधर)
397जो वचन से परे हो-(वचनातीत)
398जो कर्त्तव्य से च्युत हो गया है- (कर्त्तव्यच्युत)
399जो (बात) वर्णन के अतीत (बाहर) है- (वर्णनातीत)
400जो स्त्री सूर्य भी न देख सके- (असूर्यम्पाश्या)
401जो अत्यन्त कष्ट से निवारित किया जा सके- (दुर्निवार)
402जो आग्रह सत्य हो- (सत्याग्रह)
403जो मुकदमा दायर करता है- (वादी)
404जो अश्र्व (घोड़े) का आरोही (सवार) है- (अश्र्वारोही)
405जो संगीत जानता है- (संगीतज्ञ)
406जो कला जानता है या कला की रचना करता है- (कलाकार)
407जो सरों में जनमता है- (सरसिज)
408जो अच्छे कुल में उत्पत्र हुआ है- (कुलीन)
409जो सबमें व्याप्त है- (सर्वव्यापी)
410जो किसी की ओर (प्रति) से है- (प्रतिनिधि)
411जो मुकदमा लड़ता रहता है- (मुकदमेबाज)
412जो देने योग्य है- (देय)
413जो देखा नहीं जा सकता- (अदृश्य)
414जो माता की हत्या कर चुका- (मातृहन्ता)
415जो कहा गया है-(कथित)
416जो स्त्री के वशीभूत या उसके स्वभाव का है- (स्त्रैण)
417जो बहुत बोलता है- (वाचाल)
418जो स्त्री अभिनय करे- (अभिनेत्री)
419जो पुरुष अभिनय करे- (अभिनेता)
420जो दूसरे से ईर्ष्या करता है- (ईर्ष्यालु)

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ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
421जो शत्रु की हत्या करता है- (शत्रुघ)
422जो पिता की हत्या कर चुका- (पितृहन्ता)
423जो अनुकरण करने योग्य हो- (अनुकरणीय)
424जो अपनी हत्या करता है- (आत्मघाती)
425जो पर के अधीन है- (पराधीन)
426जो देखने में प्रिय लगता है- (प्रियदर्शी)
427जो नभ या ख (आकाश) में चलता है- (नभचर, खेचर)
428जो द्वार का पालन (रक्षा) करता है- (द्वारपाल)
429जो शास्त्र जानता है- (शास्त्रज्ञ)
430जो कोई वस्तु वहन करता है- (वाहक)
431जो पोत (जहाज) युद्ध का है- (युद्धपोत)
432जो चक्र धारण करता है- (चक्रधर)
433जो नष्ट होनेवाला है- (नश्र्वर)
434जो सबको समान भाव से देखे- (समदर्शी)
435जो भेदा या तोड़ा न जा सके- (अभेद्य)
436जो कठिनाई (दुर ) से भेदा या तोड़ा जा सके- (दुर्भेद्य)
437जो मापा न जा सके- (अपरिमेय)
438जो प्रमेय (प्रमाण से सिद्ध) न हो- (अप्रमेय)
439जो इच्छा के अधीन है- (इच्छाधीन)
440जो दूसरे के स्थान पर अस्थायी रूप से काम करे- (स्थानापत्र)
441जो विधि या कानून के विरुद्ध है- (अवैध, गैरकानूनी)
442जो लोक में सम्भव न हो- (अलौकिक)
443जो मन को हर ले- (मनोहर)
444जो खाली न जाय- (अचूक)
445जो दायर मुकदमे का प्रतिवाद (बचाव या काट) करे- (प्रतिवादी)
446जो राजगद्दी का अधिकारी हो- (युवराज)
447जो धर्माचरण करता है- (धर्मात्मा)
448जो पुस्तकों की आलोचना या समीक्षा करता है- (आलोचक, समीक्षक)
449जो व्याख्या करता है- (व्याख्याता)
450जो साँप पकड़ता और उसका खेल करता है- (सँपेरा)
451जो मोक्ष चाहता हो- (मुमुक्षु)
452जो स्मरण रखने योग्य है- (स्मरणीय)
453जो पांचाल देश की है – (पांचाली)
454जो किसी का पक्ष न ले- (निष्पक्ष)
455जो यान (सवारी) जल में चलता है- (जलयान)
456जो पुरुष लोहे की तरह बलिष्ठ है- (लौहपुरुष)
457जो खाया न जा सके- अखाद्य
458जो सबके आगे रहता हो- (अग्रणी)
459जो नेत्रों से दिखाई न दे- (अगोचर)
460जो आँखों के सामने न हो- (अप्रत्यक्ष/परोक्ष)
461जो अपने स्थान या स्थिति से अलग न किया जा सके- (अच्युत)
462जो छूने योग्य न हो- (अछूत)
463जो छुआ न गया हो- (अछूता)
464जो बूढा न हो- (अजर)
465जो न जाना गया हो- (अज्ञात)
466जो अपनी बात से न टले- (अटल)
467जो अपनी जगह से न डिगे- (अडिग)
468जो सबके मन की जनता हो- (अंतर्यामी)
469जो बीत गया है- (अतीत)
470जो दबाया न जा सके- (अदम्य)
471जो देखा न जा सके- (अदृश्य)
472जो देखने योग्य न हो-(अदर्शनीय)
473जो पहले न देखा गया हो- (अदृष्टपूर्व)
474जो किसी विशेष समय तक ही लागू हो- (अध्यादेश)
475जो परीक्षा में परीक्षा में उत्तीर्ण न हुआ हो- (अनुत्तीर्ण)
476जो मापा न जा सके- (अपरिमेय)
477जो जन्म लेते ही गिर या मर गया हो- (आदण्डपात)
478जो पूरा या भरा हुआ न हो- (अपूर्ण)
479जो किसी की ओर मुँह किये हुए हो- (अभिमुख)
480जो कभी मृत्यु को प्राप्त न हो- (अमर)
481जो काव्य, संगीत आदि का रस न ले- (अरसिक)
482जो इस लोक का न हो- (अलौकिक)
483जो साधा (ठीक किया) न जा सके- (असाध्य)
484जो शोक करने योग्य नहीं है- (अशोच्य)
485जो स्त्री (ऐसी पर्दानशीन है कि) सूर्य को भी न देख सके- (असूर्यम्पश्या)
486जो विधान या नियम के विरुद्ध हो- (असंवैधानिक)
487जो पहले कभी न हुआ हो- (अभूतपूर्व)
488जो सदा से चलता आ रहा है- (अनवरत)
489जो आगे की न सोचता हो- (अदूरदर्शी)
490जो समय पर न हो- (असामयिक)
491जो दिया न जा सके- (अदेय)
492जो मानव के योग्य न हो- (अमानुषिक)
493जो हिसाब-किताब की जाँच करता हो- (अंकेक्षक)
494जो पहले कभी घटित न हुआ हो- (अघटित)
495जो पहले कभी नहीं सुना गया- (अश्रुतपूर्व)
496जो सदैव हाथ में खड्ग लिए रहता हो- (खड़गहस्त)
497जो आलोचना के योग्य हो- (आलोच्य)
498जो इंद्रियों के ज्ञान के बाहर है- (इंद्रियातीत)
499जो छाती के बल चलता हो- (उदग (सर्प)
500जो धरती फोड़ कर जनमता है- (उदभिज)

ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
501जो उद्धार करता है- (उद्धारक)
502जो किसी नियम को न माने- (उच्छृंखल)
503जो भूमि उपजाऊ हो- (उर्वरा)
504जो दिन में एक बार भोजन करता है- (एकाहारी)
505जो अपनी इच्छा पर निर्भर हो- (ऐच्छिक)
506जो कान को कटु लगे- (कर्णकटु)
507जो कटु बोलता है- (कटुभाषी)
508जो कष्ट को सहन कर सके- (कष्टसहिष्णु)
509जो काम से जी चुराता है- (कामचोर)
510जो कर्तव्य से च्युत हो गया है- (कर्तव्यच्युत)
511जो पुरुष कविता रचता है- (कवि)
512जो स्त्री कविता रचती है- (कवियित्री)
513जो कल्पना से परे हो- (कल्पनातीत)
514जो केन्द्र की ओर उन्मुख होता हो- (केन्द्राभिमुख)
515जो तेजहीन हो- (निस्तेज)
516जो गाँव से सम्बन्धित हो- (ग्रामीण)
517जो कठिनाइयों से पचता है- (गरिष्ठ/गुरुपक)
518जो गिरि (पहाड़) को धारण करता हो- (गिरधारी)
519जो छिपाने योग्य हो- (गोपनीय)
520जो चक्र धारण करता हो- (चक्रधारी/चक्रधर)
521जो चंद्र धारण करता हो- (चंद्रधारी)
522जो चिरकाल तक बना रहे- (चिरस्थायी)
523जो चर्चा का विषय हो- (चर्चित)
524जो अपने स्थान से डिग गया हो- (च्युत)
525जो जरायु (गर्भ की थैली) से जनमता है- (जरायुज)
526जो यान जल में चलता हो- (जलयान)
527जो तर्क योग्य हो- (तार्किक)
528जो तर्क के आधार पर सही सिद्ध हो- (तर्कसंगत)
529जो तीन गुणों (सत्व, रज, व तम) से परे हो- (त्रिगुणातीत)
530जो दर्शन-शास्त्र का ज्ञाता हो- (दार्शनिक)
531जो द्वार का पालन (रक्षा) करता है- (द्वारपाल)
532जो मुश्किल से प्राप्त हो- (दुष्प्राप्य)
533जो विलंब या टालमटोल से काम करे- (दीर्घसूत्री)
534जो वस्तु दूसरे के यहाँ रखी हो- (धरोहर)
535जो एक अक्षर भी न जानता हो- (निरक्षर)
536जो शीघ्र किसी बात या युक्ति को सोच ले- (प्रत्युत्पन्नमति)
537जो अपने लाभ या स्वार्थ का ध्यान न रखता हो- (निःस्वार्थ)
538जो कामना रहित हो- (निष्काम)
539जो चिन्ता से रहित हो- (निश्चिंत)
540जो उत्तर न दे सके- (निरुत्तर)
541जो न्याय जनता हो- (नैयायिक)
542जो अति (बहुत) लघु (छोटा) नहीं है- (नातिलघु)
543जो अति (बहुत) दीर्घ (बड़ा) नहीं है- (नातिदीर्घ)
544जो नृत्य करता है- (नृत्यकार/नर्तक)
545जो नीचे लिखा गया है- (निम्नलिखित)
546जो दृष्टि के क्षेत्र से परे हो- (परोक्ष)
547जो परायों का अर्थ (हित) चाहता है- (परमार्थी)
548जो अपने पथ से भटक गया हो- (पथभ्रष्ट)
549जो दूसरों का भला चाहने वाला हो- (परार्थी)
550जो दूसरों का उपकार करने वाला हो)- (परोपकारी)

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ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
551जो पृथ्वी से सम्बन्धित हो- (पार्थिव)
552जो पिंड से जनमता है- (पिंडज)
553जो उक्ति बार-बार कही जाय- (पुनरुक्ति)
554जो किसी का प्रतिनिधित्व (किसी की जगह काम) करता है- (प्रतिनिधि)
555जो रंग (नाट्य) का मंच (स्टेज) है- (रंगमंच)
556जो प्रणाम करने योग्य हो- (प्रणम्य)
557जो मुकदमे का प्रतिवाद करे- (प्रतिवादी)
558जो पहरा देने वाला हो- (प्रहरी)
559जो पूछने योग्य हो- (प्रष्टव्य)
560जो प्रिय बोलता हो- (प्रियवादी)
561जो दूसरे के अधीन हो- (पराधीन)
562जो प्रशंसा के योग्य हो- (प्रशंसनीय)
563जो अपने मातृभूमि छोड़ विदेश में रहता हो- (प्रवासी)
564जो केवल फल खाकर निर्वाह करता हो- (फलाहारी)
565जो बुद्धि द्वारा जाना जा सके- (बुद्धिजीवी)
566जो भाग्य की धनी हो- (भाग्यवान)
567जो भू धारण करता है- (भूतेश)
568जो पृथ्वी के गर्भ (भीतर) के हाल/शास्त्र जानता हो- (भूगर्भवेत्ता/भूगर्भशास्त्री)
569जो पूर्व में था या हुआ पर अभी नही है – (भूतपूर्व)
570जो मछली का आहार करता है- (मत्स्याहारी)
571जो हाथों से मुक्त है अर्थात अधिक देने वाला- (मुक्तहस्त)
572जो एक स्थान पर टिक कर नहीं रहता- (यायावर)
573जो युद्ध में स्थिर रहता है- (युधिष्ठिर)
574जो क्रम के अनुसार हो- (यथाक्रम)
575जो तेज चलता हो- (शीघ्रगामी)
576जो रथ पर सवार है- (रथी)
577जो राज्य या राजा से द्रोह करे- (राजद्रोही)
578जो राजनीति जानता है- (राजनीतिज्ञ)
579जो भूमि का हिसाब-किताब रखता हो- (लेखपाल)
580जो आसानी से पचता हो- (लघुपाक)
581जो वर्णन के बाहर हो- (वर्णनातीत)
582जो पूर्ण रूप से बहरा हो- (वज्रबधिर)
583जो मुकदमा दायर करता है- (वादी /मुदई)
584जो कोई वस्तु वहन करता है- (वाहक)
585जो अपने धर्म के विपरीत आचरण करता हो- (विधर्मी)
586जो विश्व भर का बंधु है- (विश्वबंधु)
587जो विषयों में आसक्त्त है- (विषयासक्त)
588जो विषय विचार में आ सकता है- (विचारगम्य)
589जो विश्वास करने योग्य हो- (विश्वसनीय)
590जो विश्व का हित चाहता है- (विश्वहितैषी)
591जो व्याख्या करता हो- (व्याख्याता)
592जो शक्ति का उपासक हो- (शाक्त)
593जो अन्न और साग-सब्जी खाता हो- (शाकाहारी)
594जो दूसरे की हत्या करता है- (हत्यारा)
595जो सुनने योग्य हो- (श्रोतव्य/श्रवणीय)
596जो सुनने में मधुर हो- (श्रुतिमधुर)
597जो संगीत जनता हो- (संगीतज्ञ)
598जो सबको एकसमान देखता है- (समदर्शी)
599जो किसी सभा का सदस्य हो- (सभासद)
600जो सबको प्यारा है- (सर्वप्रिय)

ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
601जो सव्य (बायें हाथ से हथियार आदि चलाने में) सध हुआ हो- (सव्यसाची)
602जो नाटक का सूत्र धारण (संचालन) करता है- (सूत्रधार)
603जो दया के साथ (दयालु) है- (सदय)
604जो सरलता से बोध्य (समझने योग्य) हो- (सुबोध)
605जो सर्वशक्तिसंपन्न है- (सर्वशक्तिमान)
606जो स्मरण करने योग्य है- (स्मरणीय)
607जो स्त्री के वशीभूत या उसके स्वभाव का हो- (स्त्रैण)
608जो स्वयं ही सिद्ध (ठीक) हो- (स्वयंसिद्ध)
609जिसके विषय में विवाद हो- (विवादास्पद)
610जिसके पाणि (हाथ) में चक्र है- (चक्रपाणि (विष्णु))
611जिसके पाणि में वज्र है- ( वज्रपाणि (इन्द्र) )
612जिसके पाणि में वीणा है- ( वीणापाणि (सरस्वती) )
613जिसके आने की तिथि (मालूम) न हो- (अतिथि)
614जिसके शेखर पर चन्द्र हो- ( चन्द्रशेखर (शिव) )
615जिसके पार देखा जा सके- (पारदर्शक)
616जिसके पार देखा न जा सके- (आपारदर्शक)
617जिसके भीतर का तापमान समान स्थिति में रहे- (वातानुकूलित)
618जिसके हृदय में ममता नहीं है- (निर्मम)
619जिसके हृदय में दया नहीं है- (निर्दय)
620जिसके कुल का पता ज्ञात न हो- (अज्ञातकुल)
621जिसके चूड़ा पर चन्द्र रहे- (चन्द्रचूड़)
622जिसके हाथ में चक्र हो- (चक्रपाणि)
623जिसके विषय में उल्लेख करना आवश्यक हो- (उल्लेखनीय)
624जिसके पास करोड़ों रूपये हों- (करोड़पति)
625जिसके लम्बे-लम्बे बिखरे बाल हों- (झबरा)
626जिसके हृदय में ममता न हो- (निर्मम)
627जिसके हृदय में दया न हो- (निर्दय)
628जिसके बिना कार्य न चल सके- (अपरिहार्य)
629जिसके कोई संतान न हो- (निस्संतान)
630जिसके नख सूप के समान हो- (शूर्पणखा)
631जिसके हाथ में शूल हो- (शूलपाणि) (शिव)
632जिसके पास शक्ति न हो- (निर्बल)
633जिसके हृदय में पाप न हो- (निष्पाप)
634जिसके बारे में मतभेद न हो- (निर्विवाद)
635जिसके पास कोई रोजगार न हो- (बेरोजगार)
636जिसके लोचन (आँखें) सुंदर हों- (सुलोचन)
637जिसके भीतर की हवा का तापमान सम स्थिति में रखा गया हो- (वातानुकूलित)
638जिसके चार पद है- (चतुष्पद)
639जिसके आने की तिथि न हो- (अतिथि)
640जिसके दो पद (पैर) हैं- (द्विपद)
641जिसके पास कुछ भी न हो- (अकिंचन)
642जिसके ह्रदय में दया हो- (दयावान)
643जिसके समान कोई दूसरा न हो- (अद्वितीय)
644जिसके आने की तिथि न हो- (अतिथि)
645जिसके कोई संतान न हो- (निसंतान)
646जिसके समान दूसरा न हो- (अद्वितीय)
647जिसके पास कुछ भी न हो- (अकिंचन)
648जिसके नीचे रेखा हो- (रेखांकित)
649जिसके मन में कोई कपट न हो- (निष्कपट)
650जिसका ज्ञान इन्द्रियों से परे हो- (अगोचर)

ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
651जिसके पास लाख रूपये की सम्पत्ति हो- (लखपति)
652जिसका तेज निकल गया है- (निस्तेज)
653जिसका आकार न हो- (निराकार)
654जिसका पति जीवित हो- (सधवा)
655जिसका अंत न हो- (अनन्त)
656जिसका कारण पृथ्वी है या जो पृथ्वी से सम्बद्ध है- (पार्थिव)
657जिसका उदर लंबा हो- (लंबोदर)
658जिसका निवारण नहीं किया जा सके- (अनिवार्य)
659जिसका इलाज न हो सके- (असाध्य)
660जिसका विश्वास न किया जा सके- (अविश्वसनीय)
661जिसका मूल्य न आँका जा सके- (अमूल्य)
662जिसका कोई अर्थ न हो- (निरर्थक)
663जिसका वर्णन न किया जा सके- (वर्णनातीत)
664जिसका पार न पाया जाए-(अपार)
665जिसका संबंध पश्चिम से हो- (पाश्चात्य)
666जिसका आचरण अच्छा न हो- (दुराचारी)
667जिसका कोई मूल्य न हो- (अमूल्य)
668जिसका जन्म न हो – (अजन्मा)
669जिसका कोई आधार न हो- (निराधार)
670जिसका पति जीवित हो- (सधवा)
671जिसका कोई शत्रु ही न जन्मा हो- (अजातशत्रु)
672जिसका कोई नाथ न हो- (अनाथ)
673जिसका जन्म अनु (पीछे) हुआ हो- (अनुज)
674जिसका जन्म पहले हुआ हो- (अग्रज)
675जिसका कोई आकार न हो- (निराकार)
676जिसका कोई दूसरा उपाय न हो- (अनन्योपाय)
677जिसका आदर न किया गया हो- (अनादृत)
678जिसका वचन द्वारा वर्णन न किया जा सके- (अनिवर्चनीय)
679जिसका निवारण न किया जा सके- (अनिवार्य)
680जिसका उच्चारण न किया जा सके- (अनुच्चरित)
681जिसका अनुभव किया गया हो- (अनुभूत)
682जिसका मन किसी दूसरी ओर हो- (अन्यमनस्यक/अनमना)
683जिसका कोई निश्चित घर न हो- (अनिकेत)
684जिसका जन्म उच्च कुल में हुआ हो- (अभिजात)
685जिसका विभाजन न किया जा सके- (अविभाजित)
686जिसका मन उदार हो- (उदारमना)
687जिसका मन महान हो- (महामना
688जिसका हृदय उदार हो- (उदारहृदय)
689जिसका उल्लेखित किया गया हो- (उल्लिखित)
690जिसका चित्त एक जगह स्थिर हो- (एकाग्रचित)
691जिसका सँबन्ध किसी एक देश से हो- (एकदेशीय)
692जिसका उच्चारण ओष्ठ (ओंठ) से हो- (ओष्ठ्य)
693जिसका संबंध उपनिवेश या उपनिवेशों से हो- (औपनिवेशिक)
694जिसका संबंध उपन्यास से हो- (औपन्यासिक)
695जिसका जन्म छोटी (अन्त्य) जाति में हुआ हो- (अन्त्यज)
696जिसका जन्म अनु (पीछे) हुआ हो- (अनुज)
697जिसका खण्डन न हो सके- (अकाट्य)
698जिसका हाथ बहुत तेज चलता हो- (क्षिप्रहस्त)
699जिसका कोई शुल्क न लिया जाय- (निःशुल्क)
700जिसका चिंतन किया जाना चाहिए- (चिंतनीय)

ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
701जिसका कोई भय न हो- (निर्भय)
702जिसका दमन कठिन हो- (दुर्दम्य/दुर्दात)
703जिसका कोई आधार न हो- (निराधार)
704जिसका कोई आश्रय न हो- (निराश्रय)
705जिसका उदर लम्बा (बड़ा) हो- (लम्बोदर)
706जिसका मूल नहीं है- (निर्मूल)
707जिसका कोई अंग बेकार हो- (विकलांग)
708जिसका आचार अच्छा हो- (सदाचारी)
709जिसका कोई आकार हो- (साकार)
710जिसका हृदय भग्न हो- (भग्नहृदय)
711जिसकी बाँहें अधिक लंबी हो- (प्रलंबबाहु)
712जिसकी चिकित्सा की जा सके- (चिकित्स्य)
713जिसकी थाह न हो- (अथाह)
714जिसकी सब जगह बदनामी- (कुख्यात)
715जिसकी कोई उपमा न हो- (अनुपम)
716जिसकी तीन भुजाएँ हो- (त्रिभुज)
717जिसकी आयु बड़ी लम्बी हो- (दीर्घायु)
718जिसको टाला न जा सके- (अनिवार्य, अटल)
719जिसकी धर्म में निष्ठा हो- (धर्मनिष्ठ)
720जिसकी पत्नी मर गई हो- (विधुर)
721जिसका पति मर गया हो- (विधवा)
722जिसकी सब जगह बदनामी- (कुख्यात)
723जिसकी बहुत अधिक चर्चा हो- (बहुचर्चित)
724जिसकी कोई उपमा न हो- (अनुपम)
725जिसकी चार भुजाएँ हों- (चतुर्भुज)
726जिसकी कल्पना की जा सके- अकल्पनीय
727जिसकी चिन्ता नहीं हो सकती- (अचिन्त्य)
728जिसकी अपेक्षा (उम्मीद) हो- (अपेक्षित)
729जिसकी गहराई की थाह न लग सके- (अथाह)
730जिसकी परिभाषा देना संभव न हो- (अपरिभाषित)
731जिसकी आशा न की जाय- (अप्रत्याशित)
732जिसका कोई हिस्सा टूटकर अलग हो गया हो- (खंडित)
733जिसकी बुद्धि कुश के अग्र (नोक) की तरह तेज हो- (कुशाग्रबुद्धि)
734जिसकी घोषणा की गयी हो- (घोषित)
735जिसकी बाँहें जानु (घुटने) तक पहुँचती हो- (आजानुबाहु)
736जिसकी जीविका बुद्धि के बल पर चलती हो- (बुद्धिजीवी)
737जिसकी उपमा न दी जा सके- (निरुपम)
738जिसकी आत्मा महान हो- (महात्मा)
739जिसकी भुजाएँ बड़ी हो- (महाबाहु)
740जिसकी ग्रीवा सुन्दर हो- (सुग्रीव)
741जिसकी कल्पनान की जा सके- (अकल्पनीय)
742जिसकी चिन्ता नहीं हो सकती- (अचिन्तनीय)
743जिसकी आशा न की गई हो- (अप्रत्याशित)
744जिसकी बाहुएँ दीर्घ है- (दीर्घबाहु)
745जिसकी सीमा न हो- (असीम)
746जिसकी पत्नी साथ में न हो- (विपत्नीक)
747जिसकी सूचना राजपत्र में दी गयी हो- (राजपत्रित)
748जिसने मृत्यु को जीत लिया है- (मृत्युंजय)
749जिसने इंद्रियों को जीत लिया हो- (जितेंद्रिय)
750जिसने चित्त किसी विषय में दिया (लगाया) है- (दत्तचित)

ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
751जिसने ऋण चुका दिया हो- (उऋण)
752जिसने गुरु से दीक्षा ली हो- (दीक्षित)
753जिसने बहुत कुछ सुन रखा हो- (बहुश्रुत)
754जिसने बहुत कुछ देखा हो- (बहुदर्शी)
755जिसने प्रतिष्ठा प्राप्त की है- (लब्धप्रतिष्ठ)
756जिसको रोकना या निवारण करना कठिन हो- (दुर्निवार)
757जिसको प्राप्त करना बहुत कठिन हो- (दुर्लभ)
758जिसको लाँघना कठिन हो- (दुर्लंघ्य)
759जिसमें सात रंग हो- (सतरंगा)
760जिसमे दया हो- (दयालु)
761जिसमे धैर्य न हो- (अधीर)
762जिसमे सहन शक्ति हो- (सहिष्णु)
763जिसमे रस हो- (सरस)
764जिसमे रस न हो- (नीरस)
765जिसमे दया न हो- (निर्दय)
766जिसमे शक्ति न हो- (अशक्त)
767जिसमे शक्ति नहीं है- (अशक्त)
768जिसमें कुछ करने की क्षमता न हो- (अक्षम)
769जिसमें सामर्थ्य नहीं है- (असमर्थ)
770जिसमें ढाल हो- (ढालू/ढालवाँ)
771जिसमें कोई दोष न हो- (निर्दोष)
772जिसमें हानि या अनर्थ का भय न हो- (निरापद)
773जिसमें तेज नहीं है- (निस्तेज)
774जिसमें मल (गंदगी) न हो- (निर्मल)
775जिसमें पाँच कोने हों- (पंचकोण)
776जिसमें प्रतिभा है- (प्रतिभा)
777जिसमें जाना या समझना कठिन हो- (दुर्गम)
778जिसमें मल (गंदगी) हो- (मलिन)
779जिसमें किसी प्रकार का विकार हो- (विकृत)
780जिस पर विश्वास न किया जा सके- (अविश्वनीय)
781जिस पर विश्र्वास किया गया है- (विश्र्वस्त)
782जिससे घृणा की जाए- (घृणित)
783जिस हँसी से अट्टालिका तक हिल जाय- (अट्टहास)
784जिस पर विचार न किया गया हो- (अविचारित)
785जिस पर आक्रमण न किया गया हो- (अनाक्रांत)
786जिस पर मुकदमा चल रहा हो-(अभियुक्त)
787जिस पर कोई नियंत्रण न हो- (अनियंत्रित)
788जिसे अधिकार दिया गया हो- (अधिकृत)
789जिस पर निर्णय न हुआ हो- (अनिर्णीत)
790जिस पर अनुग्रह किया गया हो- (अनुग्रहीत)
791जिस पर किसी अन्य को कुछ अधिकार न हो- (एकाधिकार)
792जिस लड़की का विवाह न हुआ हो- (कुमारी)
793जिस भूमि में कुछ पैदा न होता हो- (ऊसर)
794जिस पर किसी काम का उत्तरदायित्व हो- (उत्तरदायी)
795जिस पर चिह्न लगाया गया हो- (चिह्नित)
796जिस स्त्री के कभी संतान न हुई हो- (वंध्या (बाँझ))
797जिस पर विश्वास न किया जा सके- (अविश्वनीय)
798जिस स्त्री का धव (पति) मर गया है- (विधवा)
799जिस स्त्री का पति जीवित हो- (सधवा)
800जिस भूमि पर कुछ न उग सके- (ऊसर)

ज से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
801जिस पर अभियोग लगाया गया हो- (अभियुक्त)
802जिस पर उपकार किया गया हो- (उपकृत)
803जिस पुरुष की स्त्री मर गयी है- (विधुर)
804जिस स्त्री को कोई सन्तान न हो- (वन्ध्या, बाँझ)
805जिस पर लम्बी-लम्बी धारियाँ हों- (धारीदार)
806जिस समय बड़ी मुश्किल से भिक्षा मिलती है- (दुर्भिक्ष)
807जिस पर दिनांक (तारीख का अंक) लगाया गया हो- (दिनांकित)
808जिस पर किसी प्रकार का अंकुश (नियंत्रण) न हो- (निरंकुश)
809जिस स्थान पर अभिनेता अपना वेश-विन्यास करते हैं- (नेपथ्य)
810जिस स्थान पर बैठकर माल खरीदा और बेचा जाता हो- (फड़)
811जिस कागज पर मानचित्र, विवरण या कोष्ठक अंकित हो- (फलक)
812जिस पर विश्वास न किया जा सके- (विश्वासघाती)
813जिस पर विश्वास किया गया है- (विश्वस्त)
814जिसे समझना बहुत कठिन हो- (दुष्कर)
815जिसे क्षमा न किया जा सके- (अक्षम्य)
816जिसे दंड का भय न हो- (उदंड)
817जिसे गुप्त रखा जाए- (गोपनीय)
818जिसे दस आनन (मुख) हैं- (दशानन (रावण))
819जिसे बहुत कम ज्ञान हो, थोड़ा जानने वाला- (अल्पज)
820जिसे जीता न जा सके- (अजेय)
821जिसे देखकर डर (भय) लगे- (डरावना, भयानक)
822जिसे क्षमा न किया जा सके- (अक्षम्य)
823जिसे कभी बुढ़ापा न आये- (अजर)
824जिसे कोई जीत न सके- (अजेय)
825जिसे दंड का भय न हो- (उदंड)
826जिस भूमि पर कुछ न उग सके- (ऊसर)
827जिसे ईश्वर या वेद में विश्वास न हो- (नास्तिक)
828जिसे ईश्वर या वेद में विश्वास हो- (आस्तिक)
829जिसे भय नहीं है- (निर्भीक, निर्भय)
830जिसे नहीं जीता जा सके- (अजेय)
831जिसे या जिसका मूल नहीं है- (निर्मूल)
832जिसे जानना चाहिए- (ज्ञातव्य)
833जिसे पढ़ा न जा सके- (अपाठ्य)
834जिसे भेदा (तोड़ा) न जा सके- (अभेद्य)
835जिसे आश्वासन दिया गया हो- (आश्वस्त)
836जिसे वाह्य जगत का ज्ञान न हो- (कुपमण्डूक)
837जिसे त्याग देना उचित हो- (त्याज्य)
838जिसे क्रय किया गया हो- (क्रीत)
839जिसे सताया गया हो- (दलित)
840जिसे भेदना या तोड़ना कठिन हो- (दुर्भेद्य)
841जिसे देश से निकाला गया हो- (निर्वासित)
842जिसे कोई भ्रम या सन्देह न हो- ( निर्भ्रन्त)
843जिसे कोई आकांक्षा न हो- (निःस्पृह)
844जिसे मोक्ष की कामना हो- (मुमुक्षु)
845जिसे देख या सुनकर रोम (रोंगटे) खड़े हो जायें- (रोमांचकारी)
846जिसे सरलता से पढ़ा जा सके- (सुपाठ्य)
847जहाँ औषधि दानस्वरूप मिलती है- (दातव्य, औषधालय)
848जहाँ पहुँचा न जा सके- (अगम्य)
849जहाँ पहुँचना कठिन हो- (दुर्गम)
850जहाँ लोगों का मिलन हो- (सम्मेलन)
851जानने की इच्छा रखने वाला- (जिज्ञासु)
852जहाँ नदियों का मिलन हो- (संगम)
853जन्म भर- (आजन्म)
854जहाँ जाना संभव न हो- (अगम)
855जहाँ तक सध सके- (यथासाध्य)
856जहाँ खाना मुफ्त मिलता है- (सदाव्रत)
857जहाँ गमन (जाया) न किया जा सके- (अगम्य)
858जहाँ तक हो सके- (यथासंभव)
859जहाँ तक सध सके- (यथासाध्य)
860जैसा चाहिए वैसा- (यथोचित)
861जीने की इच्छा- (जिजीविषा)
862जानने की इच्छा-(जिज्ञासा)
863जल में जन्म लेने वाला- (जलज)
864जल में रहने वाले जीव-जन्तु- (जलचर)
865जान से मारने की इच्छा- (जिघांसा)
866जीतने की इच्छा- (जिगीषा)
867जोतने का काम- (जुताई)
868जेठ का पुत्र- (जेठौत)
869जनता द्वारा संचालित शासन- (जनतन्त्र)
870जन्म से सौ वर्ष का समय- (जन्मशती)
871जमी हुई गाढ़ी चीज की मोटी तह- (थक्का)
872जल में लगने वाली आग- (बड़वाग्नि)
873जिनकी ग्रीवा (गर्दन) सुन्दर हो- (सुग्रीव)
874जीवन भर- (आजीवन)
875जीतने की इच्छा- (जिगीषा)
876जारी किया गया आधिकारिक आदेश- (अध्यादेश)
877जुआ खेलने का स्थान- (फड़)
878जनता में प्रचलित सुनी-सुनाई बात- (किंवदंती)
879जानने की इच्छा रखने वाला- (जिज्ञासु)
880जनता द्वारा चलाया जाने वाला राज- (जनतंत्र)
881जबरन नरक में धकेलना या बेगार- (आजू)
882जल में जनमनेवाला- (जलज)

झ, त से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
883झूठ बोलने वाला-(झूठा)
884झमेला करनेवाला- (झमेलिया)
885झीं-झीं की तेज आवाज करने वाला कीड़ा- (झींगुर)
886झूठा मुकदमा- (अभ्याख्यान)
887तत्त्त्तव को जानने वाला- (तत्त्त्तवज्ञ)
888तप करने वाला- (तपस्वी)
889तेज बुद्धिवाा- (कुशाग्रबुद्धि)
890तीनों लोकों का स्वामी- (त्रिलोकी)
891तेजवाला- (तेजस्वी)
892तीन कालों की बात जानने वाला- (त्रिकालज्ञ)
893तीन युगों में होने वाला- (त्रियुगी)
894तीन नदियों का संगम- (त्रिवेणी)
895तैरने की इच्छा- (तितीर्षा)
896तर्क के द्वारा जो माना गया हो- (तर्कसंगत)
897तीन वेदों को जाननेवाला- (त्रिवेदी)
898तीन कालों को देखने वाला- (त्रिकालदर्शी)
899तीन माह में एक बार होने वाला- (त्रैमासिक)
900तर्क के द्वारा जो सम्मत(माना जा चुका) है- (तर्कसम्मत)
901तमो गुण का- (तामसिक)
902तीन प्रहरों वाली रात- (त्रियामा)
903तिनकों से बना घर- (उटज)
904तट का जो भाग जल के भीतर हो- (अन्तरीप)
905तेज गति से चलने वाला- (द्रुतगामी/तीव्रगामी)
906तीन लोको का समूह- (त्रिलोक)

द से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
907दूसरों के दोष को खोजने वाला- (छिद्रान्वेसी)
908दूर की सोचने वाला- (दूरदर्शी)
909दुसरे देश से अपने देश में समान आना- (आयात)
910दूसरों की बातों में दखल देना- (हस्तक्षेप)
911दिल से होने वाला- (हार्दिक)
912दया करने वाला- (दयालु)
913दूसरों पर उपकार करने वाला- (उपकारी)
914द्रुत गमन करनेवाला- (द्रुतगामी)
915दूसरे के पीछे चलने वाला- (अनुचर)
916दुखांत नाटक- (त्रासदी)
917दर्द से भरा हुआ- (दर्दनाक)
918देखने योग्य- (दर्शनीय)
919दूसरों की बातों में दखल देना- (हस्तक्षेप)
920दिल से होने वाला- (हार्दिक)
921दो बार जन्म लेनेवाला- (द्विज)
922दुःख देनेवाला- (दुःखद)
923दर्शन के योग्य- (दर्शनीय)
924दिन पर दिन- (दिनानुदिन)
925द्रुपद की पुत्री- (द्रौपदी)
926देखने योग्य- (दर्शनीय)
927दिन पर दिन- (दिनोंदिन)
928दाव (जंगल) का अनल (आग)- (दावानल)
929दूसरों के गुणों में दोष ढूँढने की वृति का न होना- (अनसूया)
930दोपहर के बाद का समय- (अपराह)
931देश के लिए अपने प्राण देने वाला- (शहीद)
932द्वार या आँगन के फर्श पर रंगों से चित्र बनाने या चौक पूरने की कला- (अल्पना)
933दूसरे के हित में अपने आप को संकट में डालना- (आत्मोत्सर्ग)
934देश में विदेश से माल आने की क्रिया- (आयात)
935दूसरों की उन्नति को न देख सकना- (ईष्र्या)
936दूसरों के दोषों को खोजना- (छिद्रान्वेषण)
937दूसरों के दोषों को ढूँढने वाला- (छिद्रान्वेषी)
938दिन रात ठाढ़े (खड़े) रहने वाले साधु- (ठाढ़ेश्वरी)
939दस वर्षो का समय- (दशक)
940दाव (जंगल) में लगने वाली आग- (दावानल)
941दैहिक, दैविक व भौतिक ताप या कष्ट- (त्रिताप)
942दो बार जन्म लेने वाला- (द्विज)
943देने की इच्छा- (दित्सा)
944दैव या प्रारब्ध सम्बन्धी बातें जानने वाला- (देवज्ञ)
945दिन के समय अपने प्रिय से मिलने जाने वाली नायिका- (दिवाभिसारिका)
946दशरथ का पुत्र- (दशरथि)
947देखने की इच्छा- (दिदृक्ष)
948दण्ड दिये जाने योग्य- (दण्डनीय)
949दो भाषायें बोलने वाला- (द्विभाषी)
950दो वेदों को जाननेवाला- (द्विवेदी)
951देवताओं पर चढ़ाने हेतु बनाया गया दही, घी, जल, चीनी, और शहद का मिश्रण-(मधुपर्क)
952दूसरे के स्थान पर काम करने वाला- (स्थानापन्न)
953दोपहर के बाद का समय- (अपराह्नन)
954दुःख, भय आदि के कारण उत्पत्र ध्वनि- (काकु)
955दीवार पर बने हुए चित्र- (भित्तिचित्र)
956दूसरे के मन की बात जाननेवाला- (अन्तर्यामी)
957दूसरे के अन्दर की गहराई ताड़नेवाला- (अन्तर्दर्शी)
958दूध पिलानेवाली धाय- (अन्ना)
959देह का दाहिना भाग- (अपसव्य)
960दर्पण जड़ी अँगूठी, जिसे स्त्रियाँ अँगूठे में पहनती हैं- (आरसी)
961दो दिशाओं के बीच की दिशा- (उपदिशा)
962दो बातों या कामों में से एक- (वैकल्पिक)
963दूर से मन को आकर्षित करनेवाली गंध- (निर्हारी)
964दूसरे के हाथ में गया हुआ- (हस्तान्तरित)
965द्वीप में जनमा- (द्वैपायन)
966दक्षिण दिशा- (अवाची)
967दो या तीन बार कहना- (आम्रेडित)
968दागकर छोड़ा गया साँड़- (अंकिल)

इसे भी पढ़ेसर्च इंजन क्या है? प्रमुख सर्च इंजन के उदाहरण

ध से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
969ध्यान करने योग्य या लक्ष्य- (ध्येय)
970धरती और आकाश के बीच का स्थान- (अंतरिक्ष)
971धन से संबंध रखने वाला- (आर्थिक)
972धर्म में रूचि रखने वाला- (धर्मात्मा)
973धन के देवता- (कुबेर)
974धन देनेवाला (व्यक्ति या देवता)- (धनद, कुबेर)
975धूप से बचने का छाता- (आतपत्र) धर्म या शास्त्र के विरुद्ध कार्य- (अधर्म)
976धर्म में रूचि रखने वाला- (धर्मात्मा)

न से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
977नहीं खाने योग्य- (अखाद्य)
978नापाक इरादे से की जाने वाली मन्त्रणा या साजिश- (दुरभिसन्धि)
979नहीं मरनेवाला- (अमर)
980नाक से रक्त बहने का रोग- (नकसीर)
981नव (अभी-अभी) जनमा हुआ- (नवजात)
982न टूटने वाला- (अटूट)
983नीचे की ओर मुख किये हुए- (अधोमुख)
984नीचे की ओर लाना या खींचना- (अपकर्ष)
985नया (तुरंत का) जनमा हुआ- (नवजात)
986नख से शिखा तक के सब अंग- (नखशिख)
987नष्ट होने वाला- (नश्वर)
988नभ (आकाश) में विचरण करने वाला- (नभचर/खेचर)
989नया उदित होने वाला- (नवोदित)
990नदी से सींचा जानेवाला प्रदेश- (नदीमातृक)
991नया-नया आया हुआ- (नवागन्तुक)
992नगर में जन्म लेने वाला- (नागरिक)
993निशि में विचरण करने वाला- (निशाचर)
994निर्वाचन में अपना मत देने वाला- (निर्वाचक)
995नए युग या प्रवृत्ति का निर्माण करने वाला- (युगनिर्माता)
996नए युग या प्रवृत्ति का प्रवर्तन (लागू करने) वाला- (युगप्रवर्तक)
997न बहुत शीत (ठंडा) न बहुत उष्ण (गर्म)- (समशीतोष्ण)
998न हो सकने वाला- (अशक्य/असंभव)
999नगर में रहनेवाला- (नागरिक)
1000नगर का रहनेवाला- (नागरिक, नागर)
1001नींद पर विजय प्राप्त करनेवाला- (गुडाकेश)
1002निशा में विचरण करनेवाला- (निशाचर)
1003निन्दा करने योग्य- (निन्दनीय)
1004न्याय करने वाला- (न्यायाधीश)
1005नकल करने योग्य- (अनुकरणीय)
1006न कहने योग्य वचन- (अवाच्य)
1007नाटक में बड़ी बहन- (अत्तिका)
1008निंदा न किया हुआ- (अगर्हित)
1009नई योजना का सर्वप्रथम काम में लाने का उत्सव- (उद्घाटन)
1010नीति को जाननेवाला- (नीतिज्ञ)
1011नाटक का आदरणीय पात्र- (मारिष)
1012नाव से पार करने योग्य नदी- (नाव्य)
1013नियम विरुद्ध या निन्दनीय कार्य करने वालों की सूची- (काली सूचि)

ट, ठ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1014ठीक अपने क्रम से आया हुआ- (क्रमागत)
1015टाइप करने की कला- ( टंकण)
1016ठगों का मोदक/लड्डू जिसमें बेहोश करने वाली- (ठगमोदक/ठगलड्डू)
1017ठकठक करके बर्तन बनानेवाला- (ठठेरा)
1018ठठेरे की बिल्ली जो ठक ठक शब्द से न डरे- (ठठेरमंजारिका)
1019ठूसकर भरा हुआ- (ठसाठस)
1020ठहाका लगाकर हँसना- (अट्टहास)
1021ठीका लेनेवाला- (ठीकेदार)
1022ठन ठन की आवाज- (ठनकार)

ड, ढ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1023डाका मारने का काम- (डकैती)
1024डाका मारनेवाला- (डकैत)
1025डफली बजानेवाला- (डफालची /डफाली)
1026ड्योढ़ी पर रहनेवाला पहरेदार- (ड्योढ़ीदार)
1027डंडी मारनेवाला- (डंडीमार)
1028ढीला होने का भाव- (ढिलाई)
1029ढिंढोरा पिटने वाला- (ढिंढोरिया)
1030ढालने का काम- (ढलाई)
1031ढोंग रचनेवाला- (ढोंगी)
1032ढोलक बजानेवाला- (ढोलकिया)

प से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1033पुत्र का पुत्र- (पौत्र)
1034पंद्रह दिन में एक बार होने वाला- (पाक्षिक)
1035पुत्र की वधू- (पुत्रवधू)
1036पुत्री का पुत्र- (दौहित्र/नाती)
1037परलोक का- (पारलौकिक)
1038पढ़ने योग्य- (पठनीय)
1039पति-पत्नी का जोड़ा- (दम्पति)
1040प्रतिदिन होने वाला-(प्रतिदिन)
1041पथ का प्रदर्शन करनेवाला- (पथप्रदर्शक)
1042प्रिय बोलने वाली स्त्री- (प्रियंवदा)
1043पूजने योग्य- (पूजनीय, पूज्य)
1044पुत्र की वधू- (पुत्रवधू)
1045पुत्र का पुत्र- (पौत्र)
1046पढ़ने योग्य- (पठनीय)
1047पाद (पैर) से मस्तक (सिर) तक- (आपादमस्तक)
1048पूछने योग्य- (प्रष्टव्य)
1049पर्ण (पत्ते) की बनी हुई कुटी- (पर्णकुटी)
1050प्रकृति सम्बन्धी- (प्राकृतिक)
1051पंक्ति में सबसे आगे खड़ा होने वाला- (अग्रसर)
1052पंडितों में पंडित- (पंडितरा)
1053परम्परा से चली आई हुई बात, उक्ति या कला- (अनुश्रुति)
1054पदार्थ का सबसे छोटा इन्द्रिय-ग्राह्य विभाग या मात्रा- (अणु)
1055पैर से लेकर सिर तक- (आपादमस्तक)
1056पूरब दिशा- (प्राची) पश्चिम दिशा- (प्रतीची) पूरब और उत्तर के बीच की दिशा- (ईशान)
1057पर्वत के पास की भूमि- (उपत्यका)
1058परब्रह्म का सूचक ‘ओं’ शब्द- (ओंकार)
1059पद, उम्र आदि के विचार से औरों से अपेक्षाकृत छोटा- (कनिष्ठ)
1060प्राचीन आदर्श के अनुकूल चलने वाला- (गतानुगतिका)
1061पृथ्वी की वह शक्ति जो सभी चीजों की अपनी ओर खींचती हो- (गुरुत्वाकर्षण)
1062पत्रों आदि को दूरस्थ स्थानों पर पहुँचाने वाली सेवा- (डाक सेवा)
1063पुलिस की बड़ी चौकी- (थाना)
1064पति-पत्नी का जोड़ा- (दम्पती)
1065पति के छोटे भाई की स्त्री- (देवरानी)
1066पर्वत पर चढ़ने वाला- (पर्वतारोही)
1067पथ का प्रदर्शन करने वाला- (पथ-प्रदर्शक)
1068पानी में डूबकर चलने वाली नाव- (पनडुब्बी)
1069पन्द्रह दिन में होने वाला- (पाक्षिक)
1070पीने की इच्छा- (पिपासा)
1071पिता की हत्या करनेवाला- (पितृहंता)
1072पिता की पिता- (पितामह)
1073पिता के पिता का पिता- (प्रपितामह)
1074प्राण देनेवाली औषधि- (प्राणदा)
1075प्रिय बोलनेवाली स्त्री- (प्रियंवदा)
1076पिता से प्राप्त की हुई (सम्पत्ति)- (पैतृक)
1077प्रयोग में लाने योग्य- (प्रयोजनीय)
1078पर्वत की कन्या- (पार्वती)
1079पाने की इच्छा- (लिप्सा)
1080प्रतिकूल पक्ष का- (विपक्षी)
1081प्रतिदिन होने वाला- (दैनिक)
1082प्राणों पर संकट लाने वाला- (सांघातिक)
1083परीक्षा देने वाला- (परीक्षार्थी)
1084पर्वत के ऊपर की समभूमि- (अधित्यका)
1085पूर्णिमा की रात- (राका)
1086पृथ्वी को धारण करनेवाला- (महीधर)
1087पक्षियों का कलरव- (वाशित)
1088पानी से उठा हुआ किनारा- (पुलिन)
1089पीसे हुए चावल की मिठाई- (अँदरसा)
1090प्रसूता को दिया जानेवाला भोजन- (अछवानी)
1091पेट या जठर की आग- (वडवानाल)

फ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1093फेंककर चलाया जाने वाला हथियार- (अस्त्र)
1094फलनेवाला या फल (ठीक परिणाम) देनेवाला- (फलदायी)
1095फल-फूल खाने वाला- (शाकाहारी)
1096फेन से भरा हुआ- (फेनिल)

ब से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1097बिना पलक गिराये- (एकटक)
1098बुरा (दुर्) आग्रह- (दुराग्रह)
1099बुरे आचरण वाला- (दुराचारी)
1100बुरे चरित्र वाला- (दुश्चरित्र)
1101बच्चों के लिए काम की वस्तु- (बालोपयोगी)
1102बिलकुल बरबाद हो गया हो- (ध्वस्त)
1103बहुत तेज चलने वाला- (द्रुतगामी)
1104बिना वेतन का- (अवैतनिक)
1105बीता हुआ- (अतीत)
1106बेचनेवाला- (विक्रेता)
1107बिना आयास (परिश्रम) के- (अनायास)
1108बहुत बोलने वाला- (बहुभाषी)
1109बिना अंकुश का- (निरंकुश)
1110बिना पलक गिराये हुए- (अनिमेष)
1111बिना वेतन के कार्य करने वाला- (अवैतनिक)
1112बालक से वृद्ध तक- (आबालवृद्ध)
1113बेलों आदि से घिरा हुआ सुरम्य स्थान- (कुंज)
1114बहुत गप्पे हाँकनेवाला-(गपोड़िया)
1115बहुत सी घटनाओं का सिलसिला- (घटनावली, घटनाक्रम)
1116बरसात के चार महीने- (चतुर्मास)
1117बहुत डरनेवाला- (डरपोक)
1118बहुत दूर की बात पहले से ही सोच लेने वाला- (दूरदर्शी)
1119बहुत चंचल, दुष्ट और अपनी प्रशंसा करने वाला नायक- (धीरोद्धत)
1120बिना पलक गिराये हुए- (निर्निमेष)
1121बच्चा जनने वाली स्त्री- (प्रसूत)
1122बहुत-सी भाषाओं को बोलने वाला- (बहुभाषाभाषी)
1123बहुत-सी भाषाओं को जानने वाला- (बहुभाषाविद)
1124बहुत से रूप धारण करने वाला- (बहुरूपिया)
1125बेरों के जंगल में जनमा- (बादरायण)
1126बच्चों को सुलाने के लिए गाया जाने वाला गीत- (लोरी)
1127बाल्यावस्था और युवावस्था के बीच का समय- (वयः सन्धि)
1128बिक्री करनेवाला- (विक्रेता)
1129बोलने की इच्छा- (विवाक्षा)
1130बिजली की तरह तीव्र वेग वाला- (विघुतवेग)
1131बिना माता-पिता का- (अनाथ)
1132बंधक रखा हुआ- (आधीकृत)
1133बुरी बुद्धिवाला- (कुबुद्धि)
1134बाँचनेवाला- (वाचक)
1135बोलनेवाला- (वक्ता)
1136बुरे मार्ग पर चलनेवाला- (कुमार्गगामी)
1137बिना तार की वीणा- (कोलंबक)
1138बालुकामय किनारा- (सैकत)
1139बिना विचार किए विश्वास करना- (अंधविश्वास)
1140बार-बार बोलना- (अनुलाप)
1141बिजली की तरह कान्ति (चमक) वाला-(विधुत्प्रभ)
1142बालक से लेकर वृद्ध तक- (आबालवृद्ध)
1143बच्चे को पहले-पहल अन्न खिलाना- (अन्नप्राशन)

भ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1144भलाई की इच्छा रखने वाला- (हितैषी)
1145भली प्रकार से सीखा हुआ- (अभ्यस्त)
1146भलाई चाहने वाला- (हितैषी)
1147भविष्य में होनेवाला- (भावी)
1148भौहों के बीच का ऊपरी भाग- (त्रिकुटी)
1149भोजन करने की इच्छा- (बुभुक्षा)
1150भविष्य में होनेवाला- (भावी)
1151भूतों का ईश्वर- (भूतेश)
1152भेड़ का बच्चा- (मेमना)
1153भूत-वर्तमान-भविष्य को देखने (जानने) वाले- (त्रिकालदर्शी)
1154भारतवर्ष का उत्तरी भाग- (आर्यावर्त)
1155भूख से व्याकुल- (क्षुधातुर)

म से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1156महीने के किसी पक्ष की चौथी तिथि- (चतुर्थी)
1157मास में एक बार आने वाला- (मासिक)
1158मांस न खाने वाला- (निरामिष)
1159मांस खाने वाला – (मांसाहारी)
1160मछली की तरह आँखों वाली- (मीनाक्षी)
1161मयूर की तरह आँखों वाली- (मयूराक्षी)
1162मरण तक- पेय
1163मिष्ट या मधुर भाषण करनेवाला- (मिष्टभाषी, मधुरभाषी)
1164मन की वृत्ति (अवस्था)- (मनोवृत्ति)
1165मरण तक- आमरण
1166मेघ की तरह नाद करनेवाला- (मेघनाद)
1167मध्य रात्रि का समय- (निशीथ)
1168मूल बातों को संक्षेप में लिखना- (टिप्पणी)
1169मछली पकड़ने या बेचने वाली जाति विशेष- (धीवर)
1170मनन करने योग्य- (मननीय)
1171मित (कम)बोलने वाला- (मितभाषी)
1172माता की हत्या करनेवाला- (मातृहंता/मातृघाती)
1173मरने की इच्छा- (मुमूर्षा)
1174मुँह पर निकलने वाली फुंसियाँ- (मुँहासे)
1175मेघ की तरह नाद करनेवाला- (मेघनाद)
1176महल का भीतरी भाग- (अन्तःपुर)
1177मनपसन्द या नामांकित- (मनोनीत)
1178मांस आहार या भोजन करनेवाला- (मांसाहारी/मांसभोजी)
1179मोहजनित प्रेम- (आसक्ति)
1180माँ-बहन संबंधी गाली- आक्षारणा
1181मंत्र-द्वारा देवता को बुलाना- (आवाहन)
1182मिठाई बनाने और बेचने वाला- (हलवाई)
1183मोक्ष या मुक्ति की इच्छा रखनेवाला- (मुमुक्षु)
1184मरने के करीब- (मुमूर्षु/मरणासन्न)
1185महान व्यक्तियों की मृत्यु- (निधन)
1186मनोहर गन्ध- (परिमल)
1187मुख को सुंगधित करनेवाला पान- (मुखवासन)
1188मछली रखने का पात्र- (कुवेणी)
1189मछली मारने का काँटा- (वडिश)
1190मानसिक भाव छिपाना- (अवहित्था)
1191मर्यादा का उल्लंघन करके किया हुआ- (अतिकृत)

य से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1192युद्ध की इच्छा रखने वाला- (युयुत्सा)
1193यथार्थ (सच) कहनेवाला-( यथार्थवादी)
1194यात्रा करनेवाला- (यात्री)
1195यात्रियों के लिए धर्मार्थ बना हुआ घर- (धर्मशाला)
1196यात्रा करनेवाला- (यात्री)
1197यशवाला- (यशस्वी)
1198युद्ध में स्थिर रहता है- (युधिष्ठिर)
1199याचना करनेवाला- (याचक)
1200युग का निर्माण करनेवाला- (युगनिर्माता)
1201यश वाला- (यशस्वी)
1202युद्ध का जहाज- (युद्धपोत)
1203युद्ध की इच्छा रखने वाला- (युयुत्सा)
1204यथार्थ (सच) कहनेवाला- (यथार्थवादी)

र से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1205रक्त में रँगा हुआ या भरा हुआ- (रक्तरंजित)
1206राज्य के द्वारा जारी किया गया वो आदेश जो किसी विशेष समय तक ही लागू हो- (अध्यादेश)
1207रोगी की चिकित्सा करने वाला- (चिकित्सक)
1208रचना करने वाला- (रचयिता)
1209रात में घूमने वाला- (निशाचर)
1210रात और सन्ध्या के बीच की वेला- (गोधूलि)
1211राजनीतिज्ञों एवं राजदूतों की कला- (कूटनीति)
1212रात और सन्ध्या के बीच का समय- (गोधूलि)
1213रोगियों की चिकित्सा करने का स्थान- (चिकित्सालय)
1214रात को दिखाई न देनेवाला रोग- (रतौंधी)
1215राष्ट्र का प्रमुख- (राष्ट्रपति)
1216राजा या राज्य के प्रति किया जाने वाला विद्रोह- (राजद्रोह)

ल से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1217लगातार घंटा बजने से होनेवाला शब्द- (टनाटन)
1218लौटकर आया हुआ- (प्रत्यागत)
1219लोक का- (लौकिक)
1220लेखक द्वारा लिखित अपनी जीवनी- (आत्मकथा)
1221लाभ की इच्छा- (लिप्सा)
1222लताओं से आच्छादित रमणीय स्थान- (निकुंज)

व से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1223वह स्त्री जिसका पति परदेश से लौटा हो- (आगतपतिक)
1224विधानमंडल द्वारा पारित या स्वीकृत नियम- (अधिनियम)
1225वह पत्र, जिसमें किसी को कोई काम करने का अधिकार दिया जाय- (अधिपत्र)
1226वास्तविक मूल्य से अधिक लिया जाने वाला शुल्क- (अधिशुल्क)
1227वह स्त्री जिसका पति दूसरा विवाह कर ले- (अध्गूढा)
1228विद्या की देवी- (सरस्वती)
1229वर्षा का अभाव- (अनावृष्टि)
1230वह पत्र जिसमें किसी को कुछ करने का अधिकार दिया गया हो- (अधिपत्र)
1231वह स्त्री जिसके पति ने त्याग (छोड़) दिया हो- (परित्यक्ता)
1232वह स्त्री जिसका पति आने वाला है- (आगमिस्यतपतिका)
1233वह जो अपने आचार से पवित्र है- (आचारपूत)
1234जहाँ गमन (जाया) न किया जा सके- (अगम्य)
1235वह कवि जो तत्क्षण कविता कर सके- (आशुकवि)
1236वह वस्तु जिसका उत्पादन हुआ हो- (उत्पाद)
1237वह व्यक्ति जो हाथ उठाए हो- (उध्र्वबाहु)
1238वह बात जो जनसाधरण में चलती आ रही है- (किंवदन्ती)
1239वह नायिका जो कृष्ण पक्ष में अपने प्रेमी से मिलने जाती हो- (कृष्णाभिसारिका)
1240वह नाटक जिसमें गीत अधिक हों- (गीतरूपक)
1241वह कपड़ा जिससे कोई चीज झाड़ी जाय- (झाड़न)
1242वात, पित्त व कफ- (त्रिदोष)
1243विवाद या गुटबन्दी से अलग रहने वाला- (तटस्थ/गुटनिरपेक्ष)
1244विवाह के पश्चात वधू का ससुराल में दूसरी बार आना- (द्विरागमन)
1245विष्णु का शंख- (पाञ्चजन्य)
1246वह शासन प्रणाली जिसमें जन साधारण का शासन हो- (प्रत्युत्पन्नमति)
1247वह जिससे प्रेम किया जाय- (प्रेमपात्र)
1248वह नायिका जिसका पति विदेश जाने को है- (प्रवत्स्यपतिका)
1249वह स्त्री जिसका पति प्रोषित (परदेश गया) हो- (प्रोषितपतिका)
1250वह पात्र जिसमें शोभा के लिए फूल लगाकर रखे जाते है- (फूलदान)
1251वह स्त्री जिसमें पृथ्वी के स्वरूप का वर्णन हो- (भूगोल)
1252वें बातें जो पुस्तक के आरंभ में लिखी जाय- (भूमिका/प्राक्कथन)
1253वह स्थिति जब मुद्रा का चलन अधिक हो- (मुद्रास्फीति)
1254वह पूँजी जो सम्पत्ति आदि के रूप में हो- (रिक्थ)
1255वह काव्य जिसका अभिनय किया जाय- (रूपक)
1256वह शासन प्रणाली जो जनता द्वारा जनता के हित के लिए हो- (लोकतंत्र)
1257वसुदेव के पुत्र- (वासुदेव)
1258वासुदेव के पिता- (वसुदेव)
1259वाडव (सागर) का अनल (आग)- (वाडवानल)
1260विश्व का पर्यटन करनेवाला- (विश्वपर्यटक)
1261विधि (कानून) के द्वारा प्राप्त- (विधिप्रदत)
1262वेतन पर काम करने वाला- (वैतनिक)
1263विष्णु का भक्त या विष्णु संबंधी- (वैष्णव)
1264वह स्थान जहाँ मुर्दे जलाये जाते है- (श्मशान)
1265विष्णु का चक्र- (सुदर्शन)
1266विष्णु की गदा- (कौमोदकी)
1267विष्णु की तलवार- (नन्दक)
1268विष्णु की मणि- (कौस्तुभ)
1269विष्णु का धनुष- (शांर्ग)
1270विष्णु का सारथि- (दारुक)
1271विष्णु का छोटा भाई- (गद)
1272वह स्थान जहाँ मुर्दे जलाये जाते है- (श्मशान)
1273वह पुरुष जिसकी पत्नी साथ है- (सपत्नीक)
1274विदेश में प्रवास करनेवाला- (प्रवासी)
1275वह जिसकी दृष्टि दूर तक जाय- (दूरदर्शी)
1276वह जिसकी प्रतिज्ञा दृढ हो- (दृढ़प्रतिज्ञ)
1277विधि (कानून ) द्वारा प्रदत्त (प्राप्त)- (विधिप्रदत्त)
1278वृष्टि का अभाव- (अनावृष्टि)
1279विश्र्वास के योग्य – (विश्र्वसनीय)
1280विद्या की चाह रखने वाला- (विद्यार्थी)
1281वह पुरुष जिसकी पति साथ है- (सपतीक)
1282वह स्त्री जिसे पति छोड़ दे- (परित्यक्ता)
1283वह पहाड़ जिससे आग निकलती हो- (ज्वालामुखी)
1284विदेश से वस्तुयें मँगाना- (आयात)
1285वृद्धावस्था से घिरा हुआ- (जराक्रान्त)
1286वर्षा के जल से पालित- (देवमातृक)
1287वर्षा सहित तेज हवा- (झंझावात)
1288व्यक्तिगत आजादी- (स्वतंत्रता)
1289वीर पुत्रों को जन्म देनेवाली- (वीरप्रसूता)
1290वीरों द्वारा भोगी जानेवाली- (वीरभोग्या)
1291विमान चलानेवाला- (वैमानिक)
1292वृक्षों को जल से थोड़ा सींचना- (आसेक)
1293वह व्यक्ति जिसके एक के ऊपर दूसरा दाँत हो- (अधिकदन्ती)
1294वह गणित जिसमें संख्याओं का प्रयोग हो- (अंकगणित)
1295विपत्ति के समय विधान करने का धर्म- (आपद्धर्म)
1296व्याकरण जाननेवाला- (वैयाकरण)
1297विनोबा के मत को माननेवाला- (सर्वोदयी)

श, स से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1298शीघ्र नष्ट होने वाला- (क्षणभंगुर)
1299सब कुछ जानने वाला- (सर्वज्ञ)
1300सौतेली माँ- (विमाता)
1301सब कुछ भक्षण करनेवाला- (सर्वभक्षी)
1302सप्ताह में एक बार होने वाला- (साप्ताहिक)
1303साहित्य से सम्बन्ध रखने वाला- (साहित्यिक)
1304सत्य बोलने वाला- (सत्यवादी)
1305सुख देनेवाला- (सुखद)
1306समान उदर से जन्म लेनेवाला- (सहोदर)
1307सेवा से सम्बद्ध- (साहित्यिक)
1308शक्ति के अनुसार- (यथाशक्ति)
1309सबसे प्रिय- (प्रियतम)
1310सुनने योग्य- (श्रवणीय)
1311समान (एक ही)उदर से जन्म लेनेवाला- (सहोदर)
1312सुन्दर हृदयवाला- (सुहृद)
1313स्त्री-पुरुष का जोड़ा- (दम्पति)
1314स्वेद से उत्पत्र होनेवाला- (स्वेदज)
1315शिव का उपासक या शिव से सम्बद्ध- (शैव)
1316शक्ति का उपासक या शक्ति से सम्बद्ध- (शाक्त)
1317समाचार पत्र का मुख्य (सम्पादकीय) लेख- (अग्रलेख)
1318सेतुबंध रामेश्वरम से हिमालय तक- (आसेतुहिमालय)
1319सीमा का अनुचित उल्लंघन- (अतिक्रमण)
1320सर्वाधिकार सम्पन्न शासक या अधिकारी- (अधिनायक)
1321सरकार द्वारा प्रकाशित या सरकारी बजट में छपी सूचना- (अधिसूचना)
1322संसार में सबका प्रिय- (लोकप्रिय)
1323शरीर के लिए जितना धन आवश्यक हो उससे अधिक न लेना- (अपरिग्रह)
1324शरीर का कोई भाग- (अवयव)
1325सरकार द्वारा दूसरे देश की तुलना में अपने देश की मुद्रा का मूल्य कम कर देना-(अवमूल्यन)
1326सीमा का उल्लंघन करना- (अतिक्रमण)
1327सामाजिक एवं प्रशासनिक अनुशासन की क्रूरता से उत्पत्र स्थिति- (आतंक)
1328सर्वप्रथम मत को प्रवर्तित करने वाला- (आदिप्रवर्तक)
1329सूर्य जिस पर्वत के पीछे निकलता है- (उदयाचल)
1330सूर्योदय से पहले का समय- (उषाकाल)
1331सारे संसार के देशों की खेल प्रतियोगितायें- (ओलम्पिक)
1332सेना में रहने का स्थान- (छावनी)
1333सहसा छिपकर आक्रमण करने वाला- (छापामार)
1334सिक्के ढालने का कारखाना- (टकसाल)
1335स्थल या जल का वह तंग या पतला भाग जो स्थल या जल के दो बड़े खंडों को मिलाता है- (डमरूमध्य)
1336सत्व, रज व तम- (त्रिगुण)
1337स्वर्गलोक, मृत्युलोक और पाताललोक- (त्रिभुवन/त्रिलोक)
1338शीतल, मन्द व सुगन्धित वायु- (त्रिविधवायु)
1339स्त्री-पुरुष का जोड़ा/पति-पत्नी का जोड़ा- (दम्पती)
1340सदा प्रसन्न रहने वाली या कला-प्रेमी नायक- (धीरललित)
1341शक्तिशाली, दयालु और योद्धा नायक- (धीरोदात्त)
1342शासकीय अधिकारियों का शासन- (नौकरशाही)
1343शरीर के एक पार्श्व का लकवा- (पक्षाघात)
1344समान रूप से आगे बढ़ने की चेष्टा- (प्रतिस्पर्द्धा)
1345शक्ति के अनुसार- (यथाशक्ति)
1346स्पष्टीकरण के लिए दिया जाने वाला वक्तव्य- (विवृति)
1347सौ वर्ष का समय- (शताब्दी)
1348शत्रु का नाश करने वाला- (शत्रुघ्न)
1349सौ में सौ- (शतप्रतिशत)
1350शयन (सोने) का आगार (कमरा)- (शयनागार)
1351शरण में आया हुआ- (शरणागत)
1352सदैव रहने वाला- (शाश्वत)
1353सिर पर धारण करने योग्य- (शिरोधार्य)
1354संगीत के छः राग- (षटराग)
1355सोलह वर्ष की लड़की- (षोडशी)
1356सड़ी हुई वस्तु की गन्ध- (सराँध)

श, स से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1357सहन करना जिसका स्वभाव है- (सहनशील)
1358सबको जीतने वाला- (सर्वजीत)
1359सब कुछ खाने वाला- (सर्वभक्षी)
1360सत्य के प्रति आग्रह- (सत्याग्रह)
1361समान वयवाला- (समवयस्क)
1362समान (एक ही) उदर से जन्म लेनेवाला- (सहोदर)
1363सब लोगों से सम्बन्ध रखने वाला- (सार्वजनिक)
1364सरस्वती का भक्त या सरस्वती से संबद्ध- (सारस्वत)
1365सब कालों में होनेवाला- (सार्वकालिक)
1366सब देशों से सम्बद्ध- (सार्वदेशिक)
1367समस्त पृथ्वी से सम्बन्ध रखने वाला- (सार्वभौमिक)
1368साहित्य से सम्बन्धित- (साहित्यिक)
1369सिंह का बच्चा- (सिंहशावक)
1370सुन्दर हृदय वाला- (सुहृदय)
1371स्वेद (पसीने) से उत्पन्न होने वाला- (स्वेदज)
1372स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद का- (स्वातन्त्र्योत्तर)
1373समय से संबंधित- (सामयिक)
1374शीघ्र चलने वाला- (द्रुतगामी)
1375शयन करने की इच्छा- (सुषुप्सा)
1376सिर से लेकर पैर तक- (आपादमस्तक)
1377स्वप्न में बकझक करना- (उचावा)
1378शासन हेतु नियमों का समूह- (संविधान)
1379सोने-जैसे रंगवाला- (सुनहला)
1380सतो गुण का- (सात्त्विक)
1381सीपी, बाँसी, सूकरी, करी, धरी और नरसल से बनी माला- (बैजयन्तीमाला)
1382समान समय में होनेवाला- (समसामयिक)
1383सोलहो कलाओं से युक्त चाँद- (राका)
1384सफेदी लिए हुए लाल रंग- (पाटल)
1385श्रद्धा से जल पीना- (आचमन)
1386सेना के आगे लड़नेवाला योद्धा- (अग्रयोधा)
1387शीघ्रता का अभाव- (अत्वरा)
1388स्वर्ग की वेश्या- (अप्सरा)
1389सोना, चाँदी पर किया गया रंगीन काम- (मीनाकारी)
1390स्थिर रहनेवाली वस्तु- (स्थावर)

ह से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1391हवा में मिली हुई धूल या भाप के कारण होने वाला अँधेरा- (धुन्ध)
1392हाथी को हाँकने का लोहे का हुक- (अंकुश)
1393हिंसा करने वाला- (हिंसक)
1394हित चाहने वाला- (हितैषी)
1395हित न चाहनेवाला- (अनहितू)
1396हाथ से लिखा हुआ- (हस्तलिखित)
1397हमेशा सत्य बोलने वाला- (सत्यवादी)
1398हाथ में चक्र धारण करनेवाला- (चक्रपाणि)
1399हाथ का लिखा हुआ- (हस्तलिखित)
1400हृदय को विदीर्ण करने वाला- (हृदयविदारक)
1401हंस के समान सुंदर मंद गति से चलने वाली स्त्री- (हंसगामिनी)
1402हत्या करनेवाला- (हत्यारा)
1403होठों पर चढ़ीपान की लाली- (अधरज)
1404हिन्द की भाषा- (हिन्दी)
1405हाथ की लिखी पुस्तक या मसौदा- (पांडुलिपि)

क्ष, त्र, ज्ञ से शुरु Vakyansh Ke Liye Ek Shabd

क्र.वाक्यांश के लिए एक शब्द
1406क्षुधा से आतुर- (क्षुधातुर)
1407क्षमा पाने योग्य- (क्षम्य)
1408क्षण भर में नष्ट होने वाला- (क्षणभंगुर)
1409क्षण भर में भंग (नष्ट) होनेवाला- (क्षणभंगुर)
1410ऋण के रूप में आर्थिक सहायता-(तकावी)
1411ज्ञान देने वाली- (ज्ञानदा)
1412ज्ञान देनेवाला- (ज्ञातव्य)
1413ऋषियों के रहने का स्थान- (आश्रम)
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